पंजाब की राजनीति में इन दिनों तरनतारन उपचुनाव को लेकर माहौल बेहद गर्म है। लेकिन इस बार चुनावी रैलियों के बीच भावनाओं की एक अलग लहर देखने को मिली। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू के समर्थन में आयोजित विशाल रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कुछ ऐसा कहा, जिसने भीड़ का दिल जीत लिया।
“मैं दुखमंत्री हूँ, आपके सुख-दुख में साथ देने आया हूँ”
रोड शो के दौरान भगवंत मान जीप की छत पर खड़े होकर बोले – “मैं मुख्यमंत्री नहीं, दुखमंत्री हूँ। मैं आपके दुख-सुख में शामिल होने आया हूँ, न कि सिर्फ कुर्सी पर बैठने।” इस बयान ने लोगों के बीच जोश और भावनाओं का माहौल बना दिया। भीड़ ने ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ के नारे लगाकर मान का स्वागत किया।
बचपन की यादों से जोड़ा रिश्ता, किसानों-मजदूरों का दर्द समझने की बात
मुख्यमंत्री मान ने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह भी गाँव के ही बेटे हैं। “मैं साइकिल पर स्कूल जाता था, बस की छत पर बैठकर कॉलेज गया करता था, क्योंकि सीटें कम हुआ करती थीं।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसानों की मुश्किलें, मजदूरों की मेहनत और आम घरों की परेशानियों को बखूबी समझती है।
सरकार की उपलब्धियाँ: मुफ्त बिजली, नौकरियाँ और राहत योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने सिर्फ सवा तीन सालों में आम जनता के लिए कई काम किए हैं।
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राज्य के 90% घरों के बिजली बिल शून्य हैं, क्योंकि हर महीने 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है।
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56,000 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ पारदर्शी प्रक्रिया से दी गई हैं, बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के।
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बाढ़ पीड़ितों को 45 दिनों में मुआवज़ा दिया गया और दिवाली से पहले हर घर तक राहत पहुँचाई गई।
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गाँव-गाँव में आम आदमी क्लीनिक खोलकर मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है।
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ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कई बड़े आरोपियों को जेल भेजा गया है।
“पुरानी पार्टियों ने सिर्फ लूटा, हमने ईमानदारी का मॉडल दिया”
भगवंत मान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी पार्टियों ने पंजाब को सिर्फ भ्रष्टाचार, नशे और बेरोज़गारी दी। जबकि उनकी सरकार ने ईमानदारी और विकास की नई पहचान बनाई है।
उन्होंने लोगों से अपील की – “11 नवंबर का दिन सिर्फ चुनाव नहीं, पंजाब के भविष्य का फैसला है। वोट उस नेता को दें, जो कुर्सी नहीं, जनता के सुख-दुख में साझेदारी चाहता है।”
