बिहार में आज यानी 11 नवंबर 2025 को विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग चल रही है। सुबह से ही मतदाता अपने-अपने बूथों पर पहुंच रहे हैं और लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
मतदान का हाल अब तक
राज्य के 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग सुबह 7 बजे शुरू हुई।
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11 बजे तक करीब 31.38% मतदान दर्ज किया गया है। वहीं सुबह 9 बजे तक 14.55% वोटिंग हुई थी।
चुनाव अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि दोपहर के बाद मतदान प्रतिशत और तेजी से बढ़ेगा।
पहले चरण में 6 नवंबर को हुए मतदान में लगभग 64.66% वोटिंग हुई थी, जो पिछले चुनावों से ज्यादा थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या दूसरा चरण इस रिकॉर्ड को पार कर पाता है या नहीं।
इन जिलों में हो रहा है मतदान
दूसरे चरण में सीमांचल और कोसी इलाकों के कई अहम जिले शामिल हैं, जैसे — किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, पूर्णिया और सहरसा।
इन इलाकों को इस बार भी निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि यहां का वोट सीधे तौर पर सत्ता की कुर्सी का रास्ता तय कर सकता है।
बड़े नेता और हॉट सीटें
आज जिन 122 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें 12 मंत्रियों की किस्मत भी ईवीएम में बंद हो रही है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जेडीयू, बीजेपी, आरजेडी और कांग्रेस सभी दलों के दिग्गज इस चरण में मैदान में हैं।
सीमांचल क्षेत्र में बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिससे कई सीटों पर रोमांच बढ़ गया है।
सुरक्षा और माहौल
पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नक्सल प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
कुछ जगहों से हल्की झड़पों की खबरें जरूर आई हैं, लेकिन अधिकांश बूथों पर मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी है।
मतदान केंद्रों पर महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो लोकतंत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
जनता का जोश और अगला कदम
मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे घरों से निकलकर वोट जरूर डालें।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस चरण की वोटिंग राज्य की सत्ता का संतुलन तय कर सकती है, क्योंकि यह आखिरी चरण है।
पहले चरण में रिकॉर्ड वोटिंग ने सभी दलों को उत्साहित किया था, अब सबकी नजरें दूसरे चरण के अंतिम आंकड़ों पर हैं।
चुनाव परिणामों की गिनती 14 नवंबर को होगी, जब यह तय होगा कि बिहार में किसकी सरकार बनेगी — महागठबंधन की या एनडीए की।
दूसरे चरण की वोटिंग में जनता का जोश और जागरूकता यह साबित करती है कि बिहार अब विकास और स्थिरता के मुद्दों पर मतदान कर रहा है।
कहीं युवा रोजगार की उम्मीद लिए मतदान कर रहे हैं तो कहीं किसान महंगाई पर अपनी राय दे रहे हैं।
अब नतीजों का इंतजार है — और पूरा बिहार अपनी नई सरकार के फैसले का गवाह बनने को तैयार है।
