पंजाब को “रंगला पंजाब” बनाने के लक्ष्य के तहत राज्य सरकार लगातार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पंजाब के रोज़गार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री तथा आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने विधानसभा हलका सुनाम के 11 गांवों में स्टेडियम निर्माण कार्य की शुरुआत करवाई। इन सभी स्टेडियमों पर कुल 5 करोड़ 32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और ये लगभग तीन महीनों में तैयार हो जाने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान अमन अरोड़ा ने बताया कि पूरे पंजाब में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार बड़ा निवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 3100 गांवों में करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। इसी योजना का हिस्सा सुनाम हलके के 29 गांव भी हैं, जहां 11.5 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि यह पहल युवाओं के लिए खेलों में भविष्य गढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का बड़ा अवसर साबित होगी।
अमन अरोड़ा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू किए गए “हर पिंड खेल मैदान” मिशन का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह अभियान सिर्फ खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में प्रेरित करने का एक राज्यव्यापी प्रयास है। उन्होंने बताया कि गाँव-गाँव में स्टेडियम बनने से खेल प्रतिभाओं को न सिर्फ बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि गांवों में खेलों का नया माहौल भी तैयार होगा।
सुनाम हलके के जिन 11 गांवों में स्टेडियम निर्माण कार्य की शुरुआत हुई है, उनमें शामिल हैं—
किला हकीमां (65.09 लाख), शेरों (52.43 लाख), शाहपुर कलां (39.10 लाख), झाड़ों (117.16 लाख), तोगावाल (41.56 लाख), ढड्डरियां (26.28 लाख), साहोके (35.57 लाख), तकीपुर (23.94 लाख), मंडेर कलां (45.98 लाख), लोहाखेड़ा (41.02 लाख) और पिंडी अमर सिंह वाली (43.70 लाख)। इन सभी गांवों में बनाए जा रहे स्टेडियम निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार होंगे, जहां युवाओं को दौड़, कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल और अन्य खेलों की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य युवाओं को न केवल खेलों में आगे बढ़ाना है बल्कि नशे से दूर, अनुशासित और सक्रिय जीवन की ओर प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि ये स्टेडियम गांवों में सामाजिक एकता और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी काम करेंगे, जहां लोग एक साथ आकर स्वस्थ वातावरण में समय बिता सकेंगे।
इस मौके पर विभिन्न गांवों के सरपंच, पंचायत सदस्य, विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने सरकार के इस निर्णय की सराहना की और कहा कि गांवों में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की यह पहल भविष्य की पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक साबित होगी।
