गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव भरे दिन के बाद बीएसई सेंसेक्स 12.16 अंकों यानी 0.01% की हल्की बढ़त के साथ 84,478.67 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स भी 3.35 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 25,879.15 के स्तर पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 11 शेयर बढ़त में और 19 शेयर गिरावट में बंद हुए। यह दर्शाता है कि निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
बिहार चुनाव नतीजों पर टिकी निगाहें
शुक्रवार को हफ्ते का आखिरी ट्रेडिंग सेशन होने के साथ-साथ बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
एक्जिट पोल के अनुसार, एनडीए गठबंधन को बहुमत मिलने के संकेत हैं, लेकिन निवेशक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि वास्तविक नतीजे इन अनुमानों से मेल खाते हैं या नहीं।
राजनीतिक स्थिरता बाजार के लिए अहम मानी जाती है, इसलिए नतीजों का असर शुक्रवार के कारोबार पर भी पड़ सकता है।
कुछ सेक्टरों में गिरावट, कुछ में उछाल
गुरुवार को बाजार में सेक्टोरल स्तर पर मिश्रित रुझान देखने को मिले।
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FMCG और IT सेक्टर में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा।
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वहीं रियल एस्टेट और मेटल सेक्टरों के शेयरों में मजबूती आई।
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में—
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गिरावट वाले शेयर: एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक।
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बढ़त वाले शेयर: आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल और एशियन पेंट्स।
बाजार विशेषज्ञों की राय
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार इस समय राजनीतिक और वैश्विक संकेतों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों का असर भी भारतीय निवेशकों की धारणा पर पड़ा है।
साथ ही, डॉलर इंडेक्स और क्रूड ऑयल के उतार-चढ़ाव ने भी ट्रेडिंग सेंटिमेंट को प्रभावित किया है।
कल के सत्र में बिहार चुनाव नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक बाजारों के रुझान के आधार पर शेयर बाजार में तेज़ी या मंदी देखने को मिल सकती है।
