बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे सामने आ चुके हैं और इस बार का चुनावी संग्राम कई दिलचस्प मोड़ छोड़ गया। चुनाव परिणामों में एनडीए ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 243 में से 202 सीटें हासिल कर सत्ता में जोरदार वापसी की है। वहीं महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटों पर ही जीत मिल पाई, जबकि अन्य दलों के खाते में 6 सीटें गईं।
लेकिन इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा सिर्फ जीत-हार नहीं, बल्कि कई सीटों पर हुआ बेहद करीबी मुकाबला भी रहा। चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार की कई सीटों पर हार-जीत का अंतर 500 वोटों से भी कम रहा, जिससे यह चुनाव और अधिक रोमांचक बन गया।
500 वोट से कम अंतर वाली सीटें
अगिऑंव विधानसभा सीट इस बार सबसे ज़्यादा सुर्खियों में रही। यहां भाजपा के महेश पासवान ने महज 95 वोटों के बेहद छोटे अंतर से जीत हासिल की। यह मुकाबला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा, क्योंकि गिनती के आखिरी राउंड में स्थिति कई बार बदली।
इसी तरह बलरामपुर विधानसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) की संगीता देवी ने 389 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। यहां भी दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
नवीनगर सीट का मुकाबला भी काफी दिलचस्प रहा। यहां जदयू के चेतन आनंद ने 112 वोटों से जीत दर्ज की। वहीं फारबिसगंज से कांग्रेस के उम्मीदवार मनोज विश्वास ने 221 वोटों से जीत हासिल की। ढाका सीट पर आरजेडी के फैसल रहमान ने 178 वोटों के अंतर से जीतकर करीबी मुकाबले में बढ़त बनाई।
50 वोट से कम अंतर वाले बेहद रोमांचक परिणाम
कुछ सीटों पर मुकाबला इतना नज़दीकी रहा कि हार-जीत का अंतर 50 वोटों से भी कम रहा। रामगढ़ सीट पर बसपा के सतीश कुमार सिंह यादव ने सिर्फ 30 वोटों के फासले से जीत दर्ज की। यह अंतर पूरे चुनाव में सबसे छोटे अंतर में गिना जा रहा है।
संप्रेषण गांव की तरह चर्चित हुई संदेश विधानसभा सीट पर जदयू की राधाचरण शाह ने सिर्फ 27 वोटों से जीत दर्ज की। यहां मतगणना के दौरान कई बार आगे-पीछे होती स्थिति ने प्रत्याशियों और समर्थकों में उत्सुकता बढ़ा दी थी।
नतीजों ने किया सबको हैरान
इस बार बिहार का चुनाव सिर्फ सीटों के हिसाब से ही नहीं, बल्कि कठिन मुकाबलों और अप्रत्याशित परिणामों के कारण भी याद रखा जाएगा। कई सीटों पर बेहद कम अंतर ने यह साबित किया कि वोटरों का रुझान कितना बारीकी से बंटा हुआ था और एक-एक वोट कितना महत्वपूर्ण है।
