अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक आर्थिक दबावों के बीच भले ही भारत का निर्यात कमजोर हुआ हो, लेकिन आयात पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दिया। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2025 में भारत का कुल आयात 16.63% बढ़कर 76.06 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। इसमें सोना और चांदी सबसे बड़े कारक रहे।
सोने का आयात सबसे ऊंचे स्तर पर, तीन गुना उछाल
त्योहारी सीजन और शादी के मौसम में भारी मांग के कारण अक्टूबर में सोने का आयात लगभग तीन गुना बढ़कर 14.72 बिलियन डॉलर हो गया।
पिछले वर्ष इसी महीने सोने का आयात सिर्फ 4.92 बिलियन डॉलर था।
इसी अवधि में चांदी का आयात भी रिकॉर्ड स्तर पर रहा।
भारत ने 2.71 बिलियन डॉलर की चांदी आयात की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 528% अधिक है।
अप्रैल से अक्टूबर के बीच कुल सोना आयात 34 बिलियन डॉलर से बढ़कर 41.23 बिलियन डॉलर हो चुका है, यानी लगभग 21.44% की वृद्धि। इस उछाल ने अक्टूबर में देश के व्यापार घाटे को 41.68 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा दिया।
भारत किस देश से सबसे ज़्यादा सोना खरीदता है?
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि त्योहारों में बढ़ी मांग ने सोने और चांदी दोनों के आयात को तेज किया है।
भारत के सोना आयात का प्रमुख स्रोत स्विट्ज़रलैंड है, जिसका हिस्सा लगभग 40% है।
इसके बाद
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UAE – 16%
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दक्षिण अफ्रीका – 10%
आते हैं।
अक्टूबर महीने में भारत ने सिर्फ स्विट्ज़रलैंड से 5.08 बिलियन डॉलर का सोना खरीदा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 403% ज्यादा है।
भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा खरीदार है, चीन के बाद दूसरा स्थान रखता है। देश के कुल आयात में 5% से अधिक हिस्सा सिर्फ सोने का है।
अमेरिका को निर्यात में गिरावट, लेकिन कुल निर्यात बढ़ा
अमेरिका को भारत का निर्यात पिछले वर्ष के 6.9 बिलियन डॉलर से घटकर 6.31 बिलियन डॉलर रह गया है।
हालांकि, समग्र रूप से स्थिति बेहतर है।
अप्रैल से अक्टूबर के बीच कुल निर्यात
47.32 बिलियन डॉलर से बढ़कर 52.12 बिलियन डॉलर हो गया है, जो व्यापार गतिविधियों में सुधार का संकेत देता है।
