पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधावा का एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने पंजाब में जनसंख्या घटने पर चिंता जताई है। फरीदकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाबियों को एक से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए, क्योंकि एक ही बच्चे का ट्रेंड समाज के भविष्य पर असर डाल रहा है।
संधावा ने कहा कि जैसे पंजाब को हरा-भरा रखने के लिए पेड़ों की जरूरत होती है, वैसे ही राज्य के विकास और संतुलन के लिए बच्चों की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हर परिवार में कम से कम 2 या 3 बच्चे होने चाहिए।” उनके मुताबिक, नए दौर में ज्यादातर युवा विदेश जाने की इच्छा रखते हैं। ऐसे में एकमात्र बच्चा विदेश चला जाए तो माता-पिता पंजाब में अकेले रह जाते हैं और उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होता।
उन्होंने कहा कि कई परिवार ऐसे हैं जिनमें सिर्फ एक ही बच्चा है, और माता-पिता मानते हैं कि एक या दो बच्चे काफी हैं, लेकिन यह सोच पंजाब के लिए नुकसानदायक हो रही है। संधावा ने पुराने समय का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पंजाब के घरों में 4-5 नहीं, बल्कि 6-7 बच्चे तक होते थे, जिसकी वजह से परिवार भी मजबूत रहते थे और समाज भी संतुलित रहता था।
संधावा ने कहा कि भले ही किसी के पास खूब जायदाद हो, लेकिन अगर बुढ़ापे में बच्चे पास न हों तो इन सबका कोई फायदा नहीं। उन्होंने लोगों को परिवार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पंजाब को जनसंख्या और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए अब परिवारों में 2-3 बच्चों की जरूरत है।
यह बयान पंजाब में तेजी से घटती जन्म दर को लेकर शुरू हुई नई बहस को और तेज कर सकता है।
