अलास्का के उटकियागविक शहर में इस साल की आखिरी धूप मंगलवार (18 नवंबर 2025) की दोपहर दिखाई दी। जैसे ही शाम 1:36 बजे सूरज क्षितिज के नीचे गया, शहर 65 दिनों के लंबे अंधेरे—यानी ‘पोलर नाइट’—में प्रवेश कर गया। अब यहां जनवरी 2026 तक सूरज नहीं निकलेगा। अमेरिका का यह सबसे उत्तरी शहर हर साल इसी तरह लंबे समय तक ठंड और अंधेरे का सामना करता है।
क्या होती है पोलर नाइट?
पोलर नाइट एक प्राकृतिक घटना है, जब कुछ ध्रुवीय क्षेत्रों में सूरज कई दिनों तक बिल्कुल नहीं उगता। उटकियागविक, जो आर्कटिक सर्कल के अंदर आता है, पृथ्वी के झुकाव की वजह से इस समय सूरज की रोशनी से दूर हो जाता है। इसलिए नवंबर से जनवरी तक यहां लगातार अंधेरा रहता है। इस बार 18 नवंबर को सूरज डूबने के बाद अब 22 जनवरी 2026 को ही पहली किरण दिखाई देगी।
क्यों होता है इतना लंबा अंधेरा?
पृथ्वी अपनी धुरी पर करीब 23.5 डिग्री झुकी हुई है। सर्दियों में उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर नहीं रहता, इसलिए वहां दिन भर भी रोशनी नहीं पहुंचती। जबकि गर्मियों में इसके उलट स्थिति बनती है—तब यहां ‘पोलर डे’ होता है, जब सूरज महीनों तक नहीं डूबता। उटकियागविक में यह लगातार दिन मई से अगस्त तक लगभग 80–85 दिनों तक चलता है।
अंधेरे में शहर की दिनचर्या
करीब 4,500 जनसंख्या वाले इस छोटे से शहर में सबसे ज्यादा इनुइट जनजाति के लोग रहते हैं। लंबे अंधेरे और कड़कड़ाती ठंड के कारण यहां की रोजमर्रा की जिंदगी काफी बदल जाती है।
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स्वास्थ्य पर असर: लगातार अंधेरा होने से लोग थकान, कमजोरी और डिप्रेशन महसूस करते हैं। इसे ‘सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर’ कहा जाता है। इससे बचने के लिए लोग विशेष लाइट थेरेपी का उपयोग करते हैं।
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दैनिक जीवन: स्कूल, ऑफिस और जरूरी काम तय समय पर चलते रहते हैं, लेकिन बाहर निकलना ठंड के कारण मुश्किल हो जाता है। तापमान अक्सर -20 से -30 डिग्री तक चला जाता है।
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सकारात्मक पहलू: अंधेरा होने के बावजूद यहां के लोग त्योहारों और दुनियाभर में प्रसिद्ध ‘उत्तरी रोशनी’ यानी ऑरोरा बोरेलिस का आनंद लेते हैं। यह रंग-बिरंगी चमकदार लाइट आसमान को बेहद खूबसूरत बना देती है।
पर्यटन और वैज्ञानिक महत्व
अत्यधिक ठंड के बावजूद कई पर्यटक इस अनोखे अनुभव को देखने के लिए यहां आते हैं। साथ ही यह शहर वैज्ञानिक शोध के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहां जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियरों के पिघलने और आर्कटिक जीवन पर रिसर्च की जाती है। जलवायु परिवर्तन का असर यहां की प्राकृतिक घटनाओं पर भी पड़ रहा है।
जनवरी 2026 में फिर से सूरज उगेगा और धीरे-धीरे शहर में रोशनी लौट आएगी। मई आते-आते दोबारा वह समय आएगा जब सूरज 24 घंटे नजर आएगा। फिलहाल, उटकियागविक के लोग अपने वार्षिक 65-दिनों की ध्रुवीय रात का सामना करने की तैयारी में हैं।
