पिछले कुछ हफ्तों से क्रिप्टोकरेंसी बाजार लगातार गिरावट से जूझ रहा है। वैश्विक क्रिप्टो मार्केट से मात्र छह सप्ताह में निवेशकों की लगभग 1.2 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति उड़ गई है। दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन भी इस गिरावट से नहीं बच सकी।
बिटकॉइन सात महीने के निचले स्तर पर
इस साल की शुरुआत से अब तक बिटकॉइन में करीब 30 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज हो चुकी है। हाल ही में यह 7 महीनों में पहली बार 90,000 डॉलर से नीचे फिसल गया। बाजार से धीरे-धीरे निवेशकों के बाहर निकलने का सीधा असर इसकी कीमतों पर देखा जा रहा है।
बुधवार सुबह के कारोबार में भी बिटकॉइन करीब 1.20% की कमजोरी के साथ 90,301 डॉलर तक गिर गया था। लगातार हो रही बिकवाली इसे स्थिर होने का मौका ही नहीं दे रही।
गिरावट की वजहें क्या हैं?
क्रिप्टो विशेषज्ञों के अनुसार मार्केट में जारी कमजोरी के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं—
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अमेरिकी प्रशासन से क्रिप्टो को कम समर्थन
ट्रंप प्रशासन का क्रिप्टो-फ्रेंडली रुख कमजोर होता दिख रहा है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है। -
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होना
फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में जल्द राहत मिलने की संभावना कम हो गई है। इससे जोखिम वाली संपत्तियों से निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है। -
ETF से निकासी
क्रिप्टो ETFs से हो रही लगातार निकासी ने बाजार को और कमजोर किया है। -
बड़े निवेशकों की मुनाफा वसूली
इंस्टीट्यूशनल ट्रेडर्स भारी मात्रा में अपने होल्डिंग बेच रहे हैं।
निवेशक क्या करें? विशेषज्ञों की राय
कई बड़े ट्रेडर अभी क्रिप्टोकरेंसी में नई पोजिशन लेने से बच रहे हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह दौर नए क्रिप्टो विंटर की शुरुआत का संकेत हो सकता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि जोखिम कम होते ही बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है।
अन्य क्रिप्टोकरेंसी का हाल
खबर लिखे जाने तक बाजार की स्थिति इस प्रकार रही—
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बिटकॉइन: 90,503 डॉलर (0.54% हल्की बढ़त)
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एथेरियम (ETH): 3,023.75 डॉलर (0.62% की तेजी)
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टीथर (USDT): 0.9992 डॉलर (0.04% की मामूली बढ़त)
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सोलाना (SOL): 138.21 डॉलर (1.52% की तेजी)
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BNB: 922.06 डॉलर (1.41% की बढ़त)
हालांकि कुछ कॉइन्स में तेजी देखी जा रही है, लेकिन समग्र माहौल अभी भी दबाव में है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों में स्थिरता और क्रिप्टो नीतियों में स्पष्टता आने के बाद ही बाजार में मजबूत सुधार की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
