पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री और कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि होम्योपैथी विभाग में 115 तकनीकी और प्रशासनिक पदों की पुनर्सृजना और भर्ती को वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है।
उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरे पंजाब में होम्योपैथिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
किन पदों पर होगी भर्ती?
वित्त मंत्री ने बताया कि इन 115 पदों में शामिल हैं—
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42 होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर (HMO)
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72 होम्योपैथिक डिस्पेंसर
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1 क्लर्क
इन पदों पर भर्ती अगले दो सालों में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
मीटिंग में उठा विभाग के सामने आने वाली चुनौतियों का मुद्दा
चीमा ने जानकारी दी कि इस फैसले से पहले कैबिनेट सब-कमेटी की होम्योपैथिक मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के साथ विस्तृत बैठक हुई थी। मीटिंग में विभाग के प्रतिनिधियों ने बताया कि होम्योपैथिक कॉलेज, अस्पताल और डिस्पेंसरी सभी 100% क्षमता पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग में लंबे समय से सिर्फ 22 नियमित पद ही भरे गए थे। इससे कामकाज और सेवा विस्तार में दिक्कतें आ रही थीं।
क्यों ज़रूरी थी यह मंजूरी?
विभाग ने कहा कि सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए नए पदों की पुनर्सृजना बेहद ज़रूरी हो गई थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने होम्योपैथी विभाग को मजबूत करने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है।
युवाओं को मिलेगा रोजगार, स्वास्थ्य ढांचा होगा मजबूत
वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता बढ़ाएगा, बल्कि युवाओं के लिए नई रोजगार संभावनाओं को भी खोल देगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार आम लोगों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है। होम्योपैथी विभाग में इन नई भर्तियों से राज्य का पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा और मरीजों को अधिक विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी।
पंजाब सरकार मानती है कि होम्योपैथिक इलाज की मांग बढ़ रही है, और इन नई नियुक्तियों से विभाग पहले से अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकेगा।
