मोगा जिले में डेंगू और चिकनगुनिया को काबू में रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप महिंद्रा की अगुवाई में जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों—मोगा ब्लॉक, कोट ईसे खां, निहाल सिंह वाला, धर्मकोट और सभी सब-हेल्थ ब्लॉक्स—में वरिष्ठ मेडिकल अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमें तैनात की गई हैं। यह टीमें लगातार क्षेत्र में जाकर बीमारी को रोकने के लिए काम कर रही हैं।
घर–घर पहुंचकर लोगों को किया जा रहा जागरूक
स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें केवल शुक्रवार के दिन ही नहीं, बल्कि रोजाना घर-घर जाकर लोगों को डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक कर रही हैं। विभाग का लक्ष्य है कि लोग केवल स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने आसपास सफाई रखकर और मच्छर पनपने से रोककर खुद भी संरक्षण करें। लोगों को साफ पानी रखने, कूलर-सफाई, गड्ढों में पानी जमा न होने देने जैसे उपाय बताए जा रहे हैं।
शिक्षक की मौत की पुष्टि नहीं: विभाग हुआ साफ
हाल ही में एक शिक्षक की मौत को डेंगू से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह कहा जा सकेगा कि मौत डेंगू से हुई या नहीं।
शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी
विभाग नियमित तौर पर शहर के स्लम क्षेत्रों और संवेदनशील जगहों पर विशेष टीमें भेजकर हालात की निगरानी कर रहा है। किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोकने के लिए तुरंत एक्शन लिया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान विभाग ने निगाहा रोड और बस्ती लाल सिंह रोड से संदिग्ध पेयजल के छह सैंपल लिए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा गया है, ताकि रिपोर्ट आने पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें और नगर निगम को भी स्थिति से अवगत कराया जा सके।
डेंगू के मामले नियंत्रण में, घबराने की जरूरत नहीं
सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप महिंद्रा और जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. नरेश अमला ने बताया कि जिले में डेंगू की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अब तक लगभग 230 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं, लेकिन इनमें से केवल तीन मरीज ही फिलहाल सक्रिय हैं और सभी का सफल उपचार चल रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी डेंगू मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है।
सरकार की सक्रियता से हालात स्थिर
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि किसी भी संदिग्ध मौत की रिपोर्ट चंडीगढ़ मुख्य दफ्तर भेजी जाती है और वहां विभागीय समीक्षा के बाद ही आधिकारिक पुष्टि की जाती है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता की वजह से हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
जागरूकता और सावधानी ही सुरक्षा की कुंजी
डेंगू को रोकने में सरकार और स्वास्थ्य विभाग का प्रयास सराहनीय है। लोगों से अपील है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें और किसी भी लक्षण पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। सरकार और जनता मिलकर ही इस बीमारी को पूरी तरह हराने में सफल होंगे।
