सिखों के नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी शताब्दी के उपलक्ष्य में श्री अखंड पाठ साहिब की शुरुआत श्रद्धा और सम्मान के साथ हो चुकी है। इस अवसर पर आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी धर्मों के प्रतिनिधियों और आए हुए संत-महापुरुषों का हार्दिक आभार प्रकट किया।
मुख्यमंत्री मान ने कहा—गुरु साहिब की महिमा शब्दों में बयान नहीं हो सकती
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हज़ूरी हो और इतने बड़े-बड़े विद्वान उपस्थित हों, तो उनके लिए यहाँ बोलना भी एक विनम्र अनुभव है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं और बलिदान पर हर धर्म में चर्चा होती है और उनके त्याग को कोई भी शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता।
गुरु तेग बहादुर जी का बेमिसाल बलिदान
मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने न केवल अपने जीवन का त्याग किया, बल्कि अपने परिवार तक को धर्म और मानवता की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि पूरी धरती को स्लेट, जंगलों के सभी पेड़ों को कलम और समुद्रों के पानी को स्याही बना दिया जाए, तब भी गुरु साहिब की महानता को लिखा नहीं जा सकता।
विश्व में अद्वितीय है सिख इतिहास—मुख्यमंत्री मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के इतिहास में ऐसी बेमिसाल और ऊँचे दर्जे की कुर्बानियाँ कहीं और देखने को नहीं मिलतीं। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने मानवता, धार्मिक स्वतंत्रता और सत्य की रक्षा के लिए जो त्याग किया, वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी है।
सभी संतों और संगत का विशेष धन्यवाद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यपाल और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित देश-विदेश से आए संतों, महापुरुषों और संगत का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शिक्षाओं का पालन करते हुए पंजाब आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश आगे बढ़ाता रहेगा।
