पंजाब की जीत: चंडीगढ़ बिल न लाने पर सीएम भगवंत मान का बयान सामने आया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ से जुड़े प्रस्तावित बिल को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के लोगों की भावनाओं का सम्मान है।
पंजाब से जुड़ा हर फैसला पंजाबियों से पूछकर हो
सीएम मान ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें खुशी है कि केंद्र सरकार यह बिल संसद में नहीं लाई। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में पंजाब से जुड़े किसी भी मुद्दे पर राज्य के नागरिकों से सलाह लिए बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
गृह मंत्रालय का बयान: “इस सत्र में कोई बिल लाने का प्रस्ताव नहीं”
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया के ज़रिए बयान जारी कर साफ किया कि चंडीगढ़ की प्रशासनिक या संवैधानिक स्थिति को बदलने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। गृह मंत्रालय ने कहा कि चंडीगढ़ के लिए केंद्रीय कानून बनाने की प्रक्रिया को सरल बनाने का विचार चल रहा है, लेकिन यह अभी केवल “विचाराधीन” स्तर पर है।
मंत्रालय ने बताया कि आगामी शीतकालीन सत्र में चंडीगढ़ को लेकर कोई बिल पेश नहीं किया जाएगा। यह भी स्पष्ट किया गया कि यह प्रस्ताव किसी भी तरह चंडीगढ़ के शासन ढांचे या पंजाब और हरियाणा के साथ उसके पारंपरिक संबंधों को प्रभावित नहीं करेगा।
“चिंता की कोई बात नहीं”—केंद्र ने दिया भरोसा
केंद्र ने कहा कि चंडीगढ़ के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई भी अंतिम निर्णय सभी हितधारकों से चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। सरकार ने लोगों और राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाया कि स्थिति को लेकर चिंता की कोई ज़रूरत नहीं है।
गृह मंत्रालय की पोस्ट में कहा गया:
“चंडीगढ़ के शासन मॉडल को बदलने या उसके पंजाब–हरियाणा से जुड़े ऐतिहासिक रिश्तों को प्रभावित करने की कोई योजना नहीं है। सरकार का इस सत्र में किसी तरह का बिल लाने का भी इरादा नहीं है।”
