ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह केवल एक ध्वज का आरोहण नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा,
“यह ध्वज सदियों के संघर्ष, संतों की साधना और समाज की सामूहिक शक्ति का सार है। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है और सदियों का संकल्प साकार हो रहा है।”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि 500 वर्षों तक आस्था की अग्नि कभी बुझी नहीं और आज उस तपस्या की पूर्णाहुति हो रही है। ध्वज पर मौजूद भगवा रंग, सूर्यवंश की प्रतीक छवि, ॐ का चिन्ह और कोविदार वृक्ष रामराज्य के आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
समाज के विकास की दिशा में संदेश
प्रधानमंत्री ने संदेश देते हुए कहा कि हमें ऐसा समाज बनाना है जहां कोई गरीब, दुखी या लाचार न हो। उन्होंने कहा कि मंदिर की यह ध्वजा दूर से भी रामलला के दर्शन कराने वाली है और युगों तक राम के संदेशों को मानवता तक पहुंचाएगी।
पीएम मोदी ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी दानवीरों, श्रमिकों और कारीगरों का सम्मान भी किया।
उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर में सप्तस्थली के रूप में निषादराज, मां शबरी, अहल्या, वशिष्ठ, विश्वामित्र और जटायु जैसे चरित्रों की स्मृतियां भी स्थापित की गई हैं, जो समाज में समरसता और प्रयास के महत्व को दर्शाती हैं।
हर वर्ग को विकास का केंद्र बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवान राम के लिए कुल नहीं, भक्ति महत्वपूर्ण है। वंश नहीं, मूल्य अहम हैं। इसी भावना से आज देश में महिला, दलित, वंचित, युवा—हर वर्ग को विकास का केंद्र माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब समाज का हर व्यक्ति मजबूत होगा और सामूहिक प्रयास से आगे बढ़ेगा।
मानसिक गुलामी से मुक्ति का आह्वान
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि हमें अपनी विरासत पर गर्व करना होगा और मैकाले काल से चली आ रही मानसिक गुलामी को समाप्त करना होगा। उन्होंने बताया कि 1835 में बोई गई यह सोच आज भी समाज में कहीं न कहीं दिखाई देती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दस वर्षों में हमें इस मानसिकता को पूरी तरह समाप्त करना है, तभी 2047 तक विकसित भारत का स्वप्न साकार होगा।
‘राम से प्रेरित राष्ट्र निर्माण’
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि हमें मिलकर ऐसा भारत बनाना है जो रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित हो। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर ही भारत आने वाले हजार वर्षों की मजबूत नींव तैयार कर पाएगा।
