श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी जयंती के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज विरासत-ए-खालसा, आनंदपुर साहिब में राज्य स्तरीय रक्तदान और पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। यह कार्यक्रम गुरु साहिब को समर्पित किया गया और इसे पंजाब भर में बड़े स्तर पर चलाया जाएगा।
“पवन गुरु, पानी पिता, माता धरति महत” के संदेश से प्रेरित अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण से बड़ा कोई सम्मान गुरु साहिबान को नहीं दिया जा सकता। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव जी की वाणी—“पवन गुरु, पानी पिता, माता धरति महत”—प्रकृति को सबसे ऊँचा स्थान देती है। इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए पंजाब सरकार अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है।
सीएम मान ने कहा कि पेड़ सिर्फ पर्यावरण संतुलन ही नहीं बनाते, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पौधे लगाकर उनकी देखभाल में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।
अंगदान की शपथ, लोगों से नेक कार्य के लिए आगे आने की अपील
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और उपस्थित लोगों को अंगदान की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है, और अंगदान उसी भावना से जुड़ा हुआ सबसे बड़ा मानव कल्याण का कार्य है।
सीएम मान ने उम्मीद जताई कि यह पहल पंजाब में अंगदान और रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाएगी और अधिक से अधिक लोग इस सेवा से जुड़ेंगे।
“रक्तदान जीवनदान है”—रक्तदाताओं की सराहना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान वह सबसे बड़ी सेवा है, जिससे कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। हर व्यक्ति को चाहिए कि वह कम से कम हर तीन महीने में एक बार रक्तदान करे।
उन्होंने रक्तदाताओं से बातचीत की, उनका हौसला बढ़ाया और समाज के प्रति उनके योगदान को “नायकीय सेवा” बताया।
समर्पण और सेवा की मिसाल
पंजाब सरकार की यह पहल गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के संदेश—मानवता, सेवा और त्याग—को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। पौधारोपण, रक्तदान और अंगदान जैसे कदम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ पंजाब को और अधिक स्वस्थ, हराभरा और जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
