पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 12वीं कक्षा के लिए उद्यमिता (Entrepreneurship) का नया पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्व-रोज़गार, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार की ओर प्रेरित करना है, ताकि वे नौकरी खोजने की बजाय खुद रोजगार देने वाले बन सकें।
बिज़नेस ब्लास्टर प्रोग्राम की सफलता के बाद बड़ा निर्णय
शिक्षा मंत्री बैंस ने कहा कि यह फैसला 2022-23 में 11वीं के छात्रों के लिए शुरू किए गए बिज़नेस ब्लास्टर प्रोग्राम की सफलता को देखते हुए लिया गया है।
इस कार्यक्रम के शानदार परिणामों के बाद बोर्ड ने:
- 3,692 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में उद्यमिता को अनिवार्य विषय बनाया है।
- 10,382 शिक्षकों और
- 231 मास्टर ट्रेनर्स को इस विषय को पढ़ाने की ट्रेनिंग दी है।
यह दिखाता है कि पंजाब सरकार शिक्षा के आधुनिक मॉडल को अपनाने में तेजी से आगे बढ़ रही है।
2026-27 में 5.60 लाख विद्यार्थी पढ़ेंगे उद्यमिता का पाठ
हरजोत सिंह बैंस के अनुसार, 12वीं कक्षा की पाठ्य-पुस्तकें और पूरा सिलेबस तैयार हो चुका है।
इससे अकादमिक वर्ष 2026–27 में लगभग 5.60 लाख विद्यार्थी बिना किसी दिक्कत के उद्यमिता का कोर्स पढ़ सकेंगे।
पाठ्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र अपनी सोच को व्यावहारिक बिज़नेस आइडिया में बदल सकें।
कोर्स में क्या-क्या सीखेंगे छात्र?
उद्यमिता के इस व्यापक पाठ्यक्रम में युवाओं को कई आधुनिक और उपयोगी विषय पढ़ाए जाएंगे, जैसे—
- स्टार्टअप शुरू करने के शुरुआती कदम
- बिज़नेस मॉडल बनाना
- कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी
- वित्त (Finance) और बजट मैनेजमेंट
- मार्केट रिसर्च
- निवेश जुटाने की तकनीक
- असफलताओं का सामना कर आगे बढ़ना
यानी यह कोर्स छात्रों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं देगा, बल्कि उन्हें व्यवहारिक कौशल भी सिखाएगा ताकि वे भविष्य में अपना स्टार्टअप शुरू कर सकें।
पंजाब सरकार की बड़ी प्रतिबद्धता
यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के उस वादे को मजबूत करती है, जिसके तहत राज्य के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों के बच्चों को:
- स्व-रोज़गार की सोच
- स्टार्टअप संस्कृति
- उद्यमिता कौशल
उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।
सरकार का मानना है कि अगर युवाओं को स्कूल स्तर पर ही बिज़नेस और स्टार्टअप से जुड़ी समझ दी जाए, तो वे आगे चलकर न सिर्फ खुद सफल होंगे, बल्कि रोजगार पैदा कर राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएंगे।
पंजाब का युवा बनेगा “जॉब सीकर” नहीं, “जॉब क्रिएटर”
उद्यमिता को अनिवार्य विषय बनाने का यह कदम पंजाब के लाखों युवाओं के भविष्य को नया रास्ता देगा। यह न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पंजाब के स्कूलों में यह बड़ा बदलाव आने वाले वर्षों में राज्य के शिक्षा मॉडल को एक नई पहचान दिला सकता है।
