पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रणाली ने पंजाब के मेहनती और होनहार युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के रास्ते पहले से कहीं ज्यादा आसान और साफ कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ योग्यता, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण ही भर्ती का असली आधार है।
वित्त मंत्री आज हैपी कौर को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपने के मौके पर बोल रहे थे। हैपी कौर को वित्त विभाग में क्लर्क के रूप में नियुक्त किया गया है। इस अवसर पर चीमा ने उनके संघर्ष और उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता राज्य में हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
साधारण परिवार से सफलता तक का सफर
हैपी कौर का जीवन संघर्ष और हौसले की मिसाल है। वह ऐसे परिवार से आती हैं, जहां हर कदम पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनके पिता लक्ष्मण सिंह पल्लेदार के रूप में मेहनत कर परिवार का खर्च चलाते हैं, जबकि उनकी मां बलजीत कौर गृहिणी हैं और पूरे परिवार को संभालने में अपना पूरा समय समर्पित करती हैं।
उनका परिवार हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता देता आया है। यही वजह है कि हैपी कौर के भाई भी पढ़ाई पूरी करके मनरेगा योजना के तहत अनुबंध पर ग्राम सेवक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हैपी कौर ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आईटी में मास्टर ऑफ साइंस (MSc IT) की डिग्री हासिल की। डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने पंजाब अधीन सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) द्वारा आयोजित क्लर्क की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर ली।
कड़ी मेहनत और लगन का मिला फल
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हैपी कौर जैसी प्रतिभाएँ साबित करती हैं कि सच्ची मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाकर ऐसे योग्य युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने का संकल्प लिया है।
चीमा ने यह भी कहा कि पारदर्शी भर्ती न केवल युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, बल्कि यह पूरे राज्य की प्रशासनिक प्रणाली को मजबूत बनाती है।
युवाओं के लिए बड़ा संदेश
हैपी कौर की नियुक्ति यह दिखाती है कि सीमित साधनों के बावजूद यदि व्यक्ति में दृढ़ निश्चय और लगन हो, तो वह किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकता है। उनका सफर पंजाब के उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
