UIDAI ने आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट करने की प्रक्रिया बेहद आसान बना दी है। अब लोग घर बैठे ही अपना नया मोबाइल नंबर बदल सकेंगे। इसके लिए न किसी दस्तावेज की जरूरत होगी और न ही किसी आधार केंद्र जाने की। OTP वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाएगी।
कैसे होगा मोबाइल नंबर अपडेट?
UIDAI के अनुसार इस सुविधा के लिए लोगों को आधार ऐप डाउनलोड करना होगा।
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ऐप में अपना आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर भरना है।
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इसके बाद OTP भेजा जाएगा, जो पुराने या नए किसी भी नंबर पर आ सकता है।
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अगला कदम स्मार्टफोन के कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन का है।
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फेस मिलान होने के बाद नया मोबाइल नंबर आधार में अपडेट हो जाएगा।
मोबाइल नंबर अपडेट करना क्यों जरूरी?
आधार देश का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान प्रणाली है जिसमें 130 करोड़ से ज्यादा लोगों का डेटा है। मोबाइल नंबर आधार का अहम हिस्सा है, क्योंकि इसी पर बैंकिंग OTP, सरकारी सब्सिडी, इनकम टैक्स वेरीफिकेशन और डिजीलॉकर जैसी कई डिजिटल सुविधाएं जुड़ी होती हैं। पहले मोबाइल नंबर बदलने के लिए लोगों को एनरोलमेंट सेंटर जाना पड़ता था, जहां लंबी लाइनों और बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन में काफी समय लगता था। नई सुविधा से यह झंझट खत्म हो जाएगा।
नया Aadhaar ऐप क्या खास लेकर आया?
UIDAI ने पिछले महीने नया आधार ऐप लॉन्च किया था। इस ऐप में कई आधुनिक फीचर जोड़े गए हैं—
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एक ही फोन में पाँच लोगों के आधार स्टोर करने की सुविधा
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फेस ऑथेंटिकेशन आधारित सुरक्षा
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स्कैन-टू-शेयर फीचर
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मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट जैसे हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी
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ऑफलाइन आधार देखने की सुविधा
इस ऐप में प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए सिलेक्टिव डेटा शेयरिंग का विकल्प भी दिया गया है, यानी आप सिर्फ वही जानकारी साझा कर सकते हैं जिसकी जरूरत हो।
पुराने ऐप और नए ऐप में क्या अंतर?
mAadhaar ऐप में PDF डाउनलोड, PVC कार्ड और कुछ बुनियादी अपडेट की सुविधा थी। नए Aadhaar ऐप में प्राइवेसी-फोकस्ड फीचर्स, फेस स्कैन और सुरक्षित लॉगिन जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। साथ ही UIDAI पोर्टल की कुछ सेवाओं को भी ऐप में जोड़ा गया है।
नई सुविधा से क्या फायदे होंगे?
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होटल चेक-इन, SIM एक्टिवेशन और बैंक KYC की प्रक्रिया और तेज होगी
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एक ही फोन पर पूरी फैमिली के आधार विवरण उपलब्ध रहेंगे
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सिर्फ जरूरत के हिसाब से डेटा शेयर होगा, जिससे प्राइवेसी मजबूत होगी
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पुराने तरीके की तुलना में समय और मेहनत दोनों की बचत होगी
आधार का सफर—2009 से डिजिटल पहचान तक
आधार प्रोजेक्ट 2009 में शुरू हुआ था और आज यह दुनिया की सबसे बड़ी पहचान प्रणाली बन चुका है। डिजिटल इंडिया मिशन के तहत आधार को और भी डिजिटल और सरल बनाया जा रहा है। UIDAI की यह नई सुविधा उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
