भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने देश के भूकंप खतरों का नया नक्शा जारी किया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 28 नवंबर 2025 को जारी किए गए इस अद्यतन नक्शे के अनुसार, अब देश का करीब 61% हिस्सा मध्यम से अत्यधिक भूकंप जोखिम वाले क्षेत्रों में आ गया है। यह नक्शा नए IS 1893 (2025) मानक के तहत तैयार किया गया है, जिसमें आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया गया है।
कैसे बनाया गया नया वैज्ञानिक नक्शा?
पहले के नक्शे ऐतिहासिक भूकंप केंद्रों के आधार पर बनाए जाते थे, लेकिन नया नक्शा अधिक वैज्ञानिक और विस्तृत है। इसमें शामिल हैं:
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Probabilistic Seismic Hazard Assessment (PSHA)
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कंप्यूटर सिमुलेशन मॉडल
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सक्रिय फॉल्ट लाइनों का डेटा
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टेक्टोनिक प्लेटों की गति का अध्ययन
इन सभी तत्वों की मदद से यह नक्शा अधिक सटीक और आधुनिक जोखिम आकलन प्रदान करता है।
हिमालय में नया ‘ज़ोन VI’: सबसे अधिक खतरा
नए नक्शे में सबसे बड़ा बदलाव है—‘ज़ोन VI’ का निर्माण, जो अब भारत का सबसे ऊँचा खतरा स्तर माना जाएगा।
इस ज़ोन में पूरे हिमालयी क्षेत्र को शामिल किया गया है, जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक। पहले हिमालय को सिर्फ ज़ोन IV और V में रखा गया था, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार यह वर्गीकरण पर्याप्त नहीं था।
ज़ोन VI में शामिल प्रमुख शहर:
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चंडीगढ़
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पंचकूला
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शिमला
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लेह
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दार्जिलिंग
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शिलांग
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मंड़ी
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अगर्तला
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भुज
विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीय हिमालय में पिछले 200 सालों से कोई बड़ा भूकंप नहीं आया, जिससे ऊर्जा लगातार जमा हो रही है। अगर मुख्य फॉल्ट लाइन कभी टूटी, तो 8 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आ सकता है।
75% आबादी अब भूकंप जोखिम में
नए नक्शे के अनुसार, देश की लगभग 75% जनसंख्या अब सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में रहती है। नए वर्गीकरण में पाँच ज़ोन शामिल किए गए हैं:
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ज़ोन II: बहुत कम खतरा (11% भूमि)
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ज़ोन III: मध्यम खतरा (30% भूमि)
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ज़ोन IV: उच्च खतरा (18% भूमि) – दिल्ली NCR शामिल
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ज़ोन V: बहुत उच्च खतरा (11% भूमि)
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ज़ोन VI: सबसे अधिक खतरा – पूरा हिमालय क्षेत्र
पंजाब के लिए नई चेतावनी: कई शहर हाई-रिस्क ज़ोन में
नया नक्शा पंजाब के लिए चिंता का विषय बन गया है। राज्य के कई भाग उच्च जोखिम क्षेत्रों में आ गए हैं।
चंडीगढ़ और पंचकूला ‘ज़ोन VI’ में
पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ और उससे सटे पंचकूला को सीधे सबसे खतरनाक ज़ोन VI में रखा गया है। इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में तीव्र भूकंप की संभावना सबसे अधिक है।
अमृतसर और जालंधर ‘ज़ोन V’ में
पंजाब के प्रमुख शहर—
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अमृतसर
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जालंधर
अब ज़ोन V में आ गए हैं, जहाँ बहुत उच्च तीव्रता के भूकंप का जोखिम रहता है।
हरियाणा के अंबाला और करनाल को भी इसी ज़ोन में रखा गया है।
