13 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने थोड़ी राहत की सांस ली है। लगातार हो रही भारी बिकवाली के बाद आज बाजार में स्थिरता देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 49.73 अंक (0.067%) की मामूली बढ़त के साथ 74,608.98 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि यह बढ़त बहुत छोटी है, लेकिन निवेशकों के लिए सुकून की बात यह है कि बाजार लाल निशान से बाहर निकलने में कामयाब रहा।
बाजार की ‘सुस्त’ चाल के पीछे के बड़े कारण
आज सुबह बाजार गिरावट के साथ खुला था, लेकिन दोपहर के सत्र में निचले स्तरों पर हुई खरीदारी ने इंडेक्स को सहारा दिया:
- वैल्यू बाइंग: पिछले दो दिनों में सेंसेक्स करीब 2,700 अंक टूट चुका था। इतने बड़े क्रैश के बाद कई दिग्गज शेयर (ब्लू-चिप स्टॉक्स) अपने आकर्षक भाव पर आ गए थे, जिससे निवेशकों ने ‘निचले स्तरों पर खरीदारी’ (Value Buying) शुरू की।
- अमेरिकी बाजारों से मिले-जुले संकेत: वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजारों में स्थिरता आने से भारतीय निवेशकों का सेंटिमेंट थोड़ा सुधरा। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें अब भी $100 के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे बाजार बहुत ज्यादा ऊपर नहीं जा सका।
- महंगाई के आंकड़ों का इंतजार: निवेशकों की नजर आज शाम आने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों पर टिकी है। बाजार यह देखना चाहता है कि महंगाई दर में कितनी बढ़ोतरी हुई है, ताकि भविष्य की ब्याज दरों का अनुमान लगाया जा सके।
बैंकिंग और मेटल शेयरों ने संभाला मोर्चा
आज के कारोबार में बाजार को सहारा देने का काम बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों ने किया। जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) और टाटा स्टील में 2% से ज्यादा की तेजी देखी गई। वहीं, बैंकिंग क्षेत्र से ICICI बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने सूचकांक को गिरने से बचाया। दूसरी तरफ, आईटी सेक्टर में आज भी दबाव बना रहा, जिसके कारण सेंसेक्स बहुत बड़ी छलांग नहीं लगा पाया।
रुपये की रिकवरी ने भी दिया सहारा
कल के रिकॉर्ड निचले स्तर (95.72) को छूने के बाद, आज भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ा संभलता हुआ दिखा। रुपये में आई इस मामूली रिकवरी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के डर को कुछ हद तक कम किया। हालांकि, बाजार के जानकार अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
