आप सांसद मीत हेयर ने केंद्र सरकार पर पंजाब के अधिकारों को लगातार कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र बार-बार ऐसे संवेदनशील मुद्दे उठाता है, जिनका मकसद केवल राजनीतिक लाभ लेना है। उनके मुताबिक, यह रवैया पंजाब के लोगों के धैर्य की परीक्षा लेने जैसा है।
“चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी, पूरा अधिकार मिलना चाहिए”
हेयर ने एक बार फिर दोहराया कि चंडीगढ़ पंजाब की ही राजधानी है, और इसे लेकर वर्षों पहले जो वादा किया गया था, उसे अब पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों की भावना साफ है—राजधानी पर उनका पूरा अधिकार होना चाहिए, और अब इस मामले में और देरी अस्वीकार्य है।
अकाली दल पर भी साधा निशाना
मीत हेयर ने शिरोमणि अकाली दल पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो दल कभी पंजाब के हक़ की बात करता था, आज वही चुपचाप केंद्र सरकार की नीतियों का साथ दे रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश के हितों पर चोट होने के बावजूद अकाली दल की चुप्पी यह दिखाती है कि वह पंजाब की आवाज़ बुलंद करने के बजाय राजनीतिक सुविधा को प्राथमिकता दे रहा है।
कानून-व्यवस्था पर मान सरकार की उपलब्धियों का दावा
हेयर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों, नशा तस्करों और समाज-विरोधी तत्वों पर सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों में कानून-व्यवस्था में सुधार साफ दिखाई देता है और सरकार ने बिना किसी राजनीतिक दबाव के परिणाम देने का काम किया है।
पंजाब के अधिकारों की लड़ाई जारी रहने का संदेश
अंत में, मीत हेयर ने कहा कि पंजाब के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और AAP सरकार किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगी।
