राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार (6 दिसंबर) का दिन भी प्रदूषण से घिरा रहा। बीते 24 घंटों का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 330 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। पिछले डेढ़ महीने से दिल्ली लगातार इस जहरीली हवा का सामना कर रही है, जिसके कारण आमजन जीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है। विशेष रूप से अस्थमा के मरीज, बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
अधिकतर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर खतरनाक स्तर
सीपीसीबी के समीर ऐप के अनुसार, दिल्ली के 40 में से 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। नेहरू नगर में AQI 369 और मुंडका में 387 तक पहुंच गया, जो हवा की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। शनिवार सुबह नौ बजे तक औसत AQI 335 रहा और ज्यादातर इलाकों में प्रदूषण स्तर 300 से ऊपर बना रहा। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि रविवार सुबह हल्की धुंध छाई रहेगी और तापमान 9 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा।
अगले चार दिनों तक राहत की उम्मीद नहीं
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का कहना है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक भी AQI में खास सुधार होने की संभावना नहीं है। अक्टूबर से अब तक दिल्ली की हवा लगातार खराब, बहुत खराब और गंभीर श्रेणियों में दर्ज की जा रही है। 14 अक्टूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब AQI 200 के नीचे आया हो। मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं और प्रदूषण स्रोतों पर नियंत्रण की कोशिशें पर्याप्त असर नहीं दिखा पा रही हैं।
शनिवार शाम दिल्ली–NCR में PM10 का स्तर 275.7 और PM2.5 का स्तर 157.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो मानकों से लगभग तीन गुना अधिक है।
स्वास्थ्य पर बढ़ता संकट
वायु प्रदूषण का सीधा प्रभाव लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। कई अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, खासकर सांस संबंधी परेशानियों वाले मरीजों की। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण फेफड़ों तक पहुंचकर दिक्कतें बढ़ा रहे हैं।
लोगों में आंखों में जलन, सीने में भारीपन, गले में खराश, खांसी, जुकाम, सिरदर्द और थकान जैसे लक्षण बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टरों का भी कहना है कि प्रदूषण के इस स्तर पर खुले में लंबे समय तक रहना खतरनाक साबित हो सकता है, खासकर संवेदनशील लोगों के लिए।
मौसम राहत नहीं देगा
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश या तेज हवा ही प्रदूषण कम कर सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसे किसी बदलाव की संभावना बहुत कम है। हवा की धीमी गति और ठंड के चलते प्रदूषक कण जमीन के पास जमे हुए हैं, जिससे वातावरण साफ होने में दिक्कत आ रही है। इसलिए अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद नहीं है।
ठंड ने बढ़ाई परेशानी
दिल्ली में प्रदूषण के साथ-साथ कड़ाके की ठंड भी बढ़ रही है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने राजधानी की सिहरन और बढ़ा दी है। न्यूनतम तापमान लगातार 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर की चेतावनी भी जारी की है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
