पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस और भाजपा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नवजोत कौर सिद्धू द्वारा किए गए खुलासों ने दोनों पार्टियों की असली तस्वीर पंजाब के लोगों के सामने रख दी है। चीमा के अनुसार, बीते 20 सालों में इन पार्टियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की राशि लगभग 2,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
‘सीएम चेहरे के लिए 500 करोड़’—चुप क्यों हैं दोनों पार्टियाँ?
हरपाल चीमा ने सवाल उठाया कि नवजोत कौर सिद्धू के इस दावे को 24 घंटे से अधिक समय हो चुका है, फिर भी कांग्रेस और भाजपा हाईकमान पूरी तरह चुप हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों पार्टियों में सब कुछ साफ-सुथरा है, तो मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बदले 500 करोड़ रुपये की बात पर कोई सफाई क्यों नहीं दी जा रही?
चीमा का आरोप है कि यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं दोनों पार्टियों की इसमें “हिस्सेदारी” हो सकती है।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर बढ़ा सियासी तापमान
AAP मंत्री का कहना है कि पिछले दो दशकों में कांग्रेस और भाजपा की सरकारों ने मिलकर पंजाब की जनता का “10 गुना ज्यादा खून चूसा” है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में रहते हुए दोनों पार्टियों ने बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया और अब जब इसका खुलासा हुआ है, तो वे कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं।
उनके अनुसार, जनता के पैसे का दुरुपयोग इतने संगठित तरीके से हुआ कि आम लोगों तक इसका सीधा असर पड़ा।
‘इमानदार सरकार चुनेंगे तो ही सच सामने आएगा’
हरपाल चीमा ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़ी वास्तविक सच्चाई तभी सामने आएगी, जब पंजाब के लोग एक पूरी तरह ईमानदार सरकार चुनेंगे। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकाल में पारदर्शिता और साफ प्रशासन को प्राथमिकता दी है, जबकि अन्य पार्टियाँ केवल सत्ता और पैसा कमाने में लगी रहीं।
पंजाब की राजनीति में नई बहस की शुरुआत
नवजोत कौर सिद्धू के बयान और हरपाल चीमा के हमले के बाद पंजाब की सियासत में नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और भाजपा की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं, जबकि AAP इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
