शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों से जुड़ा बड़ा सियासी ऐलान किया है। उन्होंने साफ किया कि वह अगली विधानसभा चुनाव गिदड़बाहा सीट से लड़ेंगे। यह फैसला उन्होंने क्षेत्र की जनता की लगातार मांग और स्थानीय लोगों की इच्छा को देखते हुए लिया है।
गिदड़बाहा से पुराना रिश्ता, पहले भी लड़ चुके हैं चुनाव
सुखबीर बादल का गिदड़बाहा से पुराना नाता है। वह पहले भी इस सीट से चुनाव लड़ चुके हैं और लंबे समय से इस इलाके से उनका करीबी संपर्क रहा है। बादल ने कहा कि गिदड़बाहा के लोग लंबे समय से उन्हें अपना उम्मीदवार बनाने की मांग कर रहे थे, इसलिए उन्होंने जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया।
जलालाबाद से कई बार जीते, अब दूसरी सीट पर दस्तक
सुखबीर बादल पहले जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं और वहां से कई बार जीत दर्ज कर चुके हैं। लेकिन इस बार गिदड़बाहा से चुनाव लड़ने का फ़ैसला उनके राजनीतिक सफर में एक नया मोड़ माना जा रहा है।
वड़िंग बनाम बादल—गिदड़बाहा बनेगा बड़ा सियासी रण
गिदड़बाहा सीट कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का भी गढ़ मानी जाती है। वड़िंग कई बार खुलकर चुनौती दे चुके हैं कि यदि सुखबीर बादल इस सीट से चुनाव लड़ें, तो मुकाबला दिलचस्प होगा।
अब जब बादल ने आधिकारिक तौर पर गिदड़बाहा से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है, तो यह मुकाबला पंजाब की राजनीति में बड़ा आकर्षण बन सकता है।
अकाली दल ने शुरू की तैयारियाँ, खोला नया दफ्तर
सूत्रों के अनुसार, अकाली दल ने गिदड़बाहा में अपना नया कार्यालय भी खोल दिया है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि पार्टी ने चुनावी तैयारी को और तेज कर दिया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि एक समय गिदड़बाहा को अकाली दल का मजबूत किला माना जाता था। ऐसे में सुखबीर बादल का यहां से चुनाव लड़ना कई बड़े राजनीतिक बदलावों का कारण बन सकता है।
पंजाब की राजनीति में नया मोड़
सुखबीर बादल के इस फैसले के बाद गिदड़बाहा सीट पर मुकाबला बेहद तीखा होने की संभावना है। आने वाले महीनों में यहां की सियासत पंजाब भर का ध्यान खींच सकती है।
