पंजाब में आज जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के लिए मतदान सुबह 8 बजे से शुरू हो गया। पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण माहौल में हो रहा है। सुबह के समय कुछ जिलों में घनी धुंध देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद मतदाताओं के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आई। लोग बड़ी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंचकर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डाला वोट
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने परिवार के साथ गांव मंगवाल पहुंचकर मतदान किया। वोट डालने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत की और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार हमें लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद मिला है, इसलिए इसका सही उपयोग करना हमारी जिम्मेदारी है।
स्थानीय मुद्दों पर वोट देने की अपील
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर आधारित हैं। मतदाताओं को चाहिए कि वे उसी उम्मीदवार को चुनें जो उनके क्षेत्र की समस्याओं को समझता हो और उन्हें हल करने की क्षमता रखता हो। सही प्रतिनिधि का चयन ही इलाके के विकास का रास्ता खोल सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूक मतदान से ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रखी जा सकती है।
राज्यभर में कड़ी तैयारियां
राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन की ओर से चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया है और मतदान केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
उम्मीदवारों और सीटों की संख्या
जानकारी के मुताबिक, पूरे पंजाब में 347 जिला परिषद सीटों और 2,838 ब्लॉक समिति सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। राज्य के 23 जिलों में कुल 9,775 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इन चुनावों को सफल बनाने के लिए लगभग 90,000 कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है।
लोकतंत्र के उत्सव में जनता की भागीदारी
कुल मिलाकर, पंजाब में चुनाव को लोकतंत्र के एक बड़े उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी यह संकेत दे रही है कि लोग अपने क्षेत्र के भविष्य को लेकर सजग और जागरूक हैं।
