पंजाब सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों को आधिकारिक तौर पर पवित्र शहर का दर्जा दे दिया है। इस संबंध में सरकारी नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। इस खुशखबरी की जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर साझा की।
मुख्य घोषणा सिख धर्म के ऐतिहासिक अवसर पर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस फैसले का एलान सबसे पहले श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत पर्व के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में किया गया था। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण निर्णय को लेने की शक्ति देने के लिए परमात्मा का धन्यवाद।
तीनों प्रमुख शहरों की पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिख धर्म से जुड़े पांच तख्तों में से तीन पंजाब में स्थित हैं। इनमें शामिल हैं:
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श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर
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तख्त श्री दामदमा साहिब, तलवंडी साबो
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तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब
अब इन तीनों शहरों को आधिकारिक तौर पर विश्वास केंद्र और पवित्र शहर का दर्जा दिया गया है, जिससे इनका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और भी बढ़ गया है।
सुविधाओं में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन शहरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-रिक्शा, मिनी बसें, शटल बसें और अन्य सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था करेगी। इसका उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
कड़े नियम और पाबंदियां
इन पवित्र शहरों में मांस, शराब, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। इसका लक्ष्य शहरों की पवित्रता और धार्मिक माहौल को बनाए रखना है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का विकास
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विश्वास दिलाया कि इन शहरों के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये तीनों शहर न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के भी प्रमुख केंद्र हैं।
समुदाय के लिए बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने समूचे सिख भाईचारे को इस फैसले पर बधाई दी और कहा कि यह निर्णय पहले लागू होना चाहिए था। पवित्र शहरों का दर्जा मिलने से न सिर्फ धार्मिक स्थलों का संरक्षण होगा, बल्कि इन शहरों में पर्यटन और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
