मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने अब तक विधवा और बेसहारा महिलाओं को 895 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने साझा की।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य की 6 लाख 75 हजार 857 पात्र महिलाओं को यह सहायता नियमित रूप से दी जा रही है। इस योजना से न केवल महिलाओं को आर्थिक सहारा मिला है, बल्कि उनके परिवारों की दैनिक जरूरतें पूरी करने में भी मदद मिली है। सरकार की ओर से यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनी हुई है।
मंत्री ने कहा कि यह योजना केवल पैसे देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विधवा और बेसहारा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा, आत्म-सम्मान और आर्थिक मजबूती प्रदान करना है। इससे महिलाएं खुद को अकेला या असहाय महसूस न करें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें। सरकार चाहती है कि महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होकर अपने और अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बना सकें।
डॉ. बलजीत कौर ने यह भी बताया कि महिलाओं की इस योजना को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने बजट में पर्याप्त प्रावधान किया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान इस योजना के लिए बजट तय किया गया था और अब तक करीब 1,170 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इससे साफ है कि सरकार इस योजना को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी पात्र महिला को इससे वंचित नहीं रखा जाएगा।
सरकार का दावा है कि इस सहायता योजना के चलते हजारों महिलाओं की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है। कई महिलाएं अब अपनी बुनियादी जरूरतें खुद पूरी कर पा रही हैं और आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
पंजाब सरकार ने साफ किया है कि आने वाले समय में भी महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि राज्य की हर जरूरतमंद महिला को सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सहारा मिल सके।
