पंजाब सरकार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बड़ी आर्थिक सफलता मिली है। राज्य के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि नवंबर 2025 तक पंजाब ने GST संग्रह में 16.03 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। इस अवधि में राज्य को 17,860.09 करोड़ रुपये का GST राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि आबकारी से 7,401 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है।
वित्त मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय आबकारी एवं कर विभाग की नई सोच, सख्त निगरानी और आधुनिक तकनीक को दिया। उन्होंने कहा कि विभाग ने न केवल पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि एकमुश्त निपटारा स्कीम-2025 और आधुनिक डाटा एनालिटिक्स के जरिए टैक्स चोरी पर भी प्रभावी रोक लगाई है।
हरपाल सिंह चीमा ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में GST प्राप्ति में 2,467.30 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 में GST दरों में बदलाव किए गए थे, जिनके तहत जरूरी वस्तुओं पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया। इसके बावजूद विभाग की मजबूत नीतियों के चलते टैक्स संग्रह पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा। इसके साथ ही VAT और CST से 5,451.76 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो पिछले साल से 3.35 प्रतिशत अधिक है।
आबकारी विभाग की उपलब्धियों पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि आबकारी नीति 2025-26 के तहत 11,020 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड 16.36 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी और राजस्व 10,723 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर तक विभाग ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

उन्होंने यह भी बताया कि शराब तस्करी और अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान इस साल 3,860 एफआईआर दर्ज की गईं और 3,795 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे राज्य में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिली है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि एकमुश्त निपटारा स्कीम-2025 कर विभाग की एक बड़ी सफलता साबित हुई है। इस योजना के तहत 18 दिसंबर 2025 तक 3,574 मामलों का निपटारा किया गया और 52 करोड़ रुपये की वसूली हुई। इससे व्यापारियों को पुराने टैक्स विवादों से राहत मिली है। इसके अलावा, टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट की मदद से 344.06 करोड़ रुपये टैक्स और जुर्माने के रूप में वसूले गए। वहीं, GSTR-3B रिटर्न दाखिल न करने वालों पर निगरानी रखते हुए 2,185.96 करोड़ रुपये जमा करवाए गए हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने स्टेट इंटेलिजेंस और प्रीवेंटिव यूनिट्स की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच 618.53 करोड़ रुपये के जुर्माने वसूले गए, जो पिछले साल की पूरी अवधि में वसूले गए 321.03 करोड़ रुपये से कहीं अधिक हैं। विभाग की क्षमता बढ़ाने के लिए एनएसीआईएन और GSTN जैसी राष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से 144 विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 5,111 अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई।
वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि इन मजबूत रणनीतियों से राज्य की राजस्व व्यवस्था और सुदृढ़ होगी और वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में भी विकास की रफ्तार बनी रहेगी।
