नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही वाहन खरीदने का सपना देख रहे लोगों को झटका लग सकता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि जनवरी 2026 से गाड़ियों की कीमतों में इजाफा किया जा सकता है। इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो नई कार, बाइक या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं। कंपनियों का कहना है कि लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते दाम बढ़ाना मजबूरी बन गई है।
कच्चे माल की बढ़ती कीमत बनी सबसे बड़ी वजह
ऑटो इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के मुताबिक कार और बाइक बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतें पिछले कुछ समय से तेजी से बढ़ी हैं। तांबा, एल्युमिनियम और अन्य खास धातुएं, जो इंजन, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और सेफ्टी फीचर्स में इस्तेमाल होती हैं, अब पहले से महंगी हो चुकी हैं।
इसके अलावा, इन धातुओं और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है। डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी के कारण कंपनियों की लागत और बढ़ गई है, जिसका सीधा असर वाहनों की कीमतों पर पड़ रहा है।
कितनी बढ़ सकती हैं गाड़ियों की कीमतें?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आमतौर पर कंपनियां साल की शुरुआत में ही कीमतों में बदलाव करती हैं। इस बार भी कारों की कीमतों में करीब 2 से 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि बाजार में प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है, इसलिए कंपनियां बहुत ज्यादा दाम बढ़ाने से बचेंगी।
इसके बावजूद अच्छी डिमांड और पहले से मजबूत बुकिंग के चलते कंपनियों को भरोसा है कि ग्राहक कीमत बढ़ने के बाद भी खरीदारी जारी रखेंगे।
किन कंपनियों ने बढ़ोतरी के दिए संकेत?
कुछ ऑटो कंपनियों ने पहले ही साफ कर दिया है कि जनवरी 2026 से नए रेट लागू होंगे।
-
JSW MG Motor India ने अपने सभी मॉडल्स की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
-
Mercedes-Benz India भी अपनी लग्जरी कारों की कीमतें बढ़ाने जा रही है।
-
BMW Motorrad India ने अपनी मोटरसाइकिल रेंज में ज्यादा बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं।
-
वहीं इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में Ather Energy ने भी अपने सभी स्कूटर महंगे करने की बात कही है।
टू-व्हीलर और इलेक्ट्रिक वाहन भी होंगे महंगे
यह बढ़ोतरी सिर्फ कारों तक सीमित नहीं रहेगी। बाइक और इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमतें भी बढ़ने की पूरी संभावना है। इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स, बैटरी और सेमीकंडक्टर की लागत में इजाफा इसका मुख्य कारण है। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव भी कंपनियों पर दबाव बढ़ा रहा है।
ग्राहकों के लिए क्या है सलाह?
अगर आप नई कार या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो विशेषज्ञों की सलाह है कि कीमतें बढ़ने से पहले फैसला लेना फायदेमंद हो सकता है। आने वाले दिनों में और भी कंपनियां दाम बढ़ाने की घोषणा कर सकती हैं, जिससे नए साल में वाहन खरीदना जेब पर भारी पड़ सकता है।
