मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में वर्ष 2025 पंजाब के कृषि इतिहास में एक अहम मोड़ बनकर उभरा है। इस साल खेती सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रही, बल्कि किसानों की आय, पर्यावरण संरक्षण और फसली विविधता जैसे मुद्दों पर ठोस बदलाव देखने को मिले। राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं ने यह साफ कर दिया कि पंजाब की खेती अब पुराने ढर्रे से आगे बढ़कर टिकाऊ और लाभकारी मॉडल की ओर बढ़ रही है।
गन्ने के दाम में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को बड़ी राहत
इस साल गन्ना किसानों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी स्टेट एग्रीड प्राइस (SAP) में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी रही। पंजाब सरकार ने गन्ने का दाम 416 रुपये प्रति क्विंटल तय किया, जो देश में सबसे अधिक है। पिछले वर्ष की तुलना में 15 रुपये की बढ़ोतरी ने यह संदेश दिया कि सरकार किसानों की मेहनत को सही कीमत देने के लिए गंभीर है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के अनुसार, यह फैसला किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
पानी बचाने की दिशा में DSR तकनीक
भूमिगत जल संरक्षण के लिए धान की सीधी बुवाई (DSR) तकनीक को बढ़ावा दिया गया। प्रति एकड़ 1,500 रुपये की सहायता मिलने से किसानों का रुझान बढ़ा और इस तकनीक के तहत क्षेत्र में 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह कदम आने वाले वर्षों में जल संकट से निपटने में अहम साबित हो सकता है।
