पंजाब की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा प्रशासनिक कामकाज को सुचारू करने के लिए मान सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने जेल विभाग में 532 कर्मचारियों की सीधी भर्ती को आधिकारिक मंज़ूरी दे दी है। इस फैसले से न सिर्फ जेलों की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि राज्य के युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी के नए अवसर भी मिलेंगे।
जेल विभाग को मिलेगा नया बल
इस भर्ती अभियान के तहत 475 वार्डर और 57 मैट्रन की नियुक्ति की जाएगी। वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि ये सभी पद सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज़ सिलेक्शन बोर्ड (SSS बोर्ड) के माध्यम से भरे जाएंगे। यह प्रक्रिया पहले से चल रही 451 वार्डर और 20 मैट्रन की भर्ती के साथ-साथ पूरी की जाएगी।
भविष्य की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर फैसला
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मंज़ूर की गई भर्तियों में 7 वार्डर के वे पद भी शामिल हैं, जो 31 दिसंबर 2026 तक सेवानिवृत्ति के कारण खाली होने की संभावना है। सरकार ने यह कदम पहले से योजना बनाकर उठाया है, ताकि आने वाले समय में स्टाफ की कमी से जूझना न पड़े।
डबल शिफ्ट की मजबूरी होगी खत्म
वित्त मंत्री ने कहा कि जेल विभाग इस समय स्टाफ की भारी कमी से गुजर रहा है। इसी कारण मौजूदा कर्मचारियों को कई बार डबल शिफ्ट में काम करना पड़ता है। नई भर्तियों से न केवल कर्मचारियों का कार्यभार कम होगा, बल्कि जेलों की सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था भी बेहतर होगी।
युवाओं को मिलेगा स्थायी रोजगार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार अपने वादे के मुताबिक सुधार केंद्रों में पर्याप्त स्टाफ मुहैया कराने और युवाओं को नियमित रोजगार देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। वित्त मंत्री ने साफ किया कि इस भर्ती का उद्देश्य अस्थायी कर्मचारियों की जगह नियमित भर्ती करना है, ताकि व्यवस्था लंबे समय तक मजबूत बनी रहे।
प्रशासनिक सुधार की ओर एक और कदम
यह फैसला जेल विभाग के व्यापक पुनर्गठन (रीस्ट्रक्चरिंग) प्रक्रिया का हिस्सा है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त और प्रशिक्षित स्टाफ के बिना किसी भी सुधारात्मक व्यवस्था को सही ढंग से नहीं चलाया जा सकता। 532 नई भर्तियों की मंज़ूरी इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
