पंजाब में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए। चंडीगढ़ जाते समय उन्होंने गांवों को जोड़ने वाली एक निर्माणाधीन सड़क पर अचानक काफिला रुकवाया और मौके पर ही सड़क की गुणवत्ता की जांच की। सड़क की हालत देखकर मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि उनकी सरकार में घटिया काम करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
मौके पर खुद खुदवाकर जांची सड़क
मुख्यमंत्री ने सड़क की सतह को खुदवाकर खुद निरीक्षण किया। जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी। मौके पर मौजूद कॉन्ट्रैक्टर से मुख्यमंत्री ने कड़े सवाल किए और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। यह साफ संदेश था कि जनता के पैसे से होने वाले कामों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शो-कॉज नोटिस और भुगतान पर रोक
मुख्यमंत्री मान के निर्देश पर संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। साथ ही उसका भुगतान रोक दिया गया और भविष्य में उसे कोई सरकारी ठेका न देने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया कि इस कॉन्ट्रैक्टर द्वारा राज्य में बनाई गई अन्य सड़कों की भी गुणवत्ता जांची जाए, ताकि कहीं और भी मानकों से समझौता न हुआ हो।
ईमानदार शासन, जीरो करप्शन का संदेश
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार किसी भी कॉन्ट्रैक्टर से रिश्वत नहीं मांगती, बल्कि तय मानकों के अनुसार मजबूत और टिकाऊ सड़कें चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कम सामग्री या घटिया काम पाया गया तो सुधार तुरंत कराया जाएगा, नहीं तो पूरे पंजाब में सख्त जांच अभियान चलाया जाएगा।
जनता के हित में सख्त सरकार
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि भगवंत मान सरकार सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ज़मीन पर उतरकर काम की गुणवत्ता सुनिश्चित कर रही है। सड़कों की मजबूती, पारदर्शिता और जवाबदेही—यही मान सरकार की पहचान बनती जा रही है। जनता के हित में लिया गया यह कदम प्रदेश में ईमानदार और मजबूत बुनियादी ढांचे की दिशा में बड़ा संदेश देता है।
