साल के आखिरी कारोबारी दिनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ। निवेशकों की सतर्कता और कुछ बड़े सेक्टरों में मुनाफावसूली के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लाल निशान में रहा।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 367 अंकों की गिरावट के साथ 85,041 के स्तर पर बंद हुआ। दिन की शुरुआत हल्की मजबूती के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बिकवाली हावी हो गई। दूसरी ओर, निफ्टी भी करीब 100 अंकों की गिरावट के साथ 26,042 के स्तर पर बंद हुआ। दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
किन वजहों से आई गिरावट
आज बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण रहे। सबसे बड़ा कारण बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली माना जा रहा है। कुछ निवेशकों ने साल के अंत को देखते हुए मुनाफा निकालना बेहतर समझा। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का भी असर घरेलू बाजार पर पड़ा।
टॉप शेयरों का प्रदर्शन
आज के कारोबार में कुछ बड़े शेयरों ने बाजार पर दबाव बनाया। आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर के कई दिग्गज शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नीचे आए। हालांकि, सभी सेक्टर कमजोर नहीं रहे। कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली, जिससे बाजार को थोड़ी राहत मिली। पावर और सीमेंट सेक्टर के कुछ शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
निवेशकों का रुख
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन निवेशक सतर्क नजर आए। बाजार में कारोबार का वॉल्यूम भी अपेक्षाकृत कम रहा। जानकारों का मानना है कि साल के आखिरी दिनों में निवेशक बड़े दांव लगाने से बचते हैं और सुरक्षित रणनीति अपनाते हैं। इसी वजह से बाजार में सीमित दायरे में ही हलचल देखने को मिली।
आगे क्या संकेत?
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और लंबी अवधि की सोच के साथ निवेश करें।
कुल मिलाकर शुक्रवार का दिन शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, बाजार में स्थिरता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और आने वाले सत्रों में हालात बदल सकते हैं। निवेशकों की नजर अब अगले कारोबारी हफ्ते पर टिकी है।
