पंजाब को ड्रग्स और अपराध से मुक्त करने की दिशा में राज्य सरकार और पंजाब पुलिस ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में चलाए गए विशेष अभियानों ने नशा तस्करी और संगठित अपराध के नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। लगातार कार्रवाई से न केवल तस्करों में डर पैदा हुआ है, बल्कि नशे की सप्लाई चेन पर भी गहरा असर पड़ा है।
हजारों तस्कर सलाखों के पीछे
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साढ़े तीन सालों में कुल 85 हजार 418 ड्रग स्मगलरों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही नशा तस्करी से जुड़े 63 हजार 53 मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य में नशे के खिलाफ कार्रवाई किस स्तर पर की जा रही है।
भारी मात्रा में नशा और ड्रग मनी बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए हैं। अब तक 5 हजार 119.94 किलोग्राम हेरोइन बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 4 करोड़ 98 लाख से ज्यादा नशीली गोलियां और कैप्सूल पकड़े गए हैं। नशा तस्करों से 52 करोड़ 46 लाख रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई है।
क्राइम नेटवर्क पर भी कसा शिकंजा
ड्रग्स के खिलाफ इस सख्त अभियान का असर अपराध पर भी साफ दिखाई दे रहा है। नशा तस्करी से जुड़े कई क्राइम नेटवर्क कमजोर पड़े हैं और गैंग्स की गतिविधियों पर रोक लगी है। इससे राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूती मिली है।
सरकार और पुलिस का कहना है कि पंजाब को नशामुक्त बनाना उनकी प्राथमिकता है। आने वाले समय में भी ड्रग्स और अपराध के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि पंजाब को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाया जा सके।
