पंजाब पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 418 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता लगाया है। इनमें से 80 करोड़ रुपये की राशि को समय रहते फ्रीज कर दिया गया है। इस कार्रवाई के चलते रिकवरी रेट के मामले में पंजाब पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
डिजिटल ठगी पर कड़ा प्रहार
डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरह के साइबर स्कैम पर भी पंजाब पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। इस तरह की ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 300 म्यूल अकाउंट्स को निष्क्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा, राज्य के हर जिले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, जिससे पीड़ितों को तेजी से राहत मिल रही है।
सबूत आधारित और पारदर्शी पुलिसिंग
पंजाब पुलिस नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गई है। अब तक 70 हजार से ज्यादा क्राइम सीन वीडियो अपलोड किए जा चुके हैं। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है और अदालतों में मजबूत सबूत पेश करने में मदद मिल रही है।
पुलिस कर्मियों को आधुनिक प्रशिक्षण
इस वर्ष पंजाब पुलिस ने 20 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को आधुनिक जांच तकनीकों, साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक का प्रशिक्षण दिया है। इससे पुलिस बल तकनीकी रूप से अधिक सक्षम हुआ है और बदलते अपराधों से निपटने में बेहतर भूमिका निभा रहा है।
भविष्य के लिए तैयार पंजाब पुलिस
स्पष्ट आधुनिकीकरण रोडमैप के तहत पंजाब पुलिस 2026 और उसके बाद आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है। तकनीक, प्रशिक्षण और आधुनिक सोच के साथ पंजाब पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार कर रही है।
