पंजाब में सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कड़ाके की ठंड के साथ-साथ अब कोहरे ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंजाब के लिए जिलेवार मौसम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 29 दिसंबर से लेकर 1 जनवरी 2026 तक राज्य के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके साथ ही ठंड का प्रकोप और तेज हो सकता है।
कई जिलों में घने कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, 29 दिसंबर को पंजाब के कई जिलों में घने कोहरे की स्थिति बन सकती है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर और रोपड़ प्रमुख हैं। कुछ इलाकों में बहुत घना कोहरा भी पड़ सकता है, जिससे विज़िबिलिटी बेहद कम रहने की आशंका है। सुबह और रात के समय हालात ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
मालवा में राहत, माझा-दोआबा में असर बरकरार
IMD के मुताबिक 30 और 31 दिसंबर को मालवा क्षेत्र के कुछ जिलों—फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा और मानसा—में मौसम में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इन इलाकों को ‘नो वॉर्निंग’ श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, माझा और दोआबा क्षेत्रों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
नए साल पर भी ठंड का असर
मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 जनवरी 2026 को भी पंजाब के कई हिस्सों में कोहरा और शीतलहर का असर जारी रहेगा। इस दौरान रात का तापमान और गिर सकता है, जिससे ठंड और ज्यादा महसूस होगी। खुले इलाकों में रहने वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम ज्यादा परेशानी भरा साबित हो सकता है।
यातायात और आम लोगों के लिए सलाह
घने कोहरे के चलते सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ड्राइवरों से कहा गया है कि कोहरे के दौरान वाहन की गति धीमी रखें, फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वहीं, आम लोगों को भी अनावश्यक रूप से सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन भी अलर्ट
कोहरे और ठंड की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने को कहा गया है। शेल्टर होम, अलाव और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। मौसम विभाग ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे जरूरत पड़ने पर नई चेतावनी जारी की जाएगी।
