दिल्ली में एक बार फिर वायु प्रदूषण लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। सर्दियों के मौसम में ठंडी हवा और कोहरे के साथ मिलकर प्रदूषण का स्तर फिर से खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। दिल्ली में रविवार को हवा की गुणवत्ता “बहुत खराब” श्रेणी में दर्ज की गई, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं सामने आने लगी हैं।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रविवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 390 रिकॉर्ड किया गया। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए। CPCB के समीर ऐप से मिले आंकड़ों के मुताबिक, शहर के कई इलाकों में हालात और भी गंभीर रहे।
दिल्ली के 40 सक्रिय एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों में से अधिकांश ने हवा को “बहुत खराब” से “गंभीर” श्रेणी में बताया। करीब 19 स्टेशनों पर प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया। इनमें आनंद विहार सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रहा, जहां AQI 457 तक दर्ज किया गया। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी रही।
कोहरे और स्मॉग की वजह से रविवार सुबह दिल्ली के कई हिस्से धुंध की मोटी चादर में लिपटे नजर आए। सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को वाहन चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए बहुत घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
तापमान की बात करें तो शहर में न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। वहीं अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जो औसत से ज्यादा था। शाम के समय नमी का स्तर 100 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे ठंड और कोहरे का असर और तेज हो गया।
दिल्ली से सटे नोएडा में भी हालात चिंताजनक बने रहे। वहां AQI 415 तक पहुंच गया, जिसे “गंभीर” श्रेणी में रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की रफ्तार कम होने, वाहनों से निकलने वाले धुएं और स्थानीय कारणों की वजह से प्रदूषण फिलहाल बना रह सकता है।
CPCB के मानकों के अनुसार, 0 से 50 तक AQI अच्छा माना जाता है, जबकि 401 से 500 के बीच AQI को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। मौजूदा हालात में लोगों को सावधानी बरतने, अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की जरूरत है।
