पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने राज्य में बढ़ते नशे के खतरे और युवाओं को इससे दूर करने की योजना पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि नशे से लड़ाई सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि सकारात्मक विकल्पों से भी लड़ी जा सकती है – और खेल ही नशे का सबसे अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर युवाओं को अपने शरीर से प्यार होगा, तो वे कभी नशे के करीब नहीं जाएंगे। हमें युवाओं को खेलों की तरफ मोड़ना होगा, जिससे वे व्यस्त और स्वस्थ रहें।” उन्होंने ऐलान किया कि सरकार राज्य में उच्च स्तर के खेल मैदान और सुविधाएं तैयार कर रही है।
खिलाड़ियों की नर्सरी और कोचिंग का बड़ा ऐलान
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब देश को बेहतरीन खिलाड़ी दे चुका है। उन्होंने गर्व से बताया कि इस समय क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल की भारतीय टीमों के कप्तान पंजाबी हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबियों में ज़बरदस्त टैलेंट है, बस उन्हें सही मंच और मौके की जरूरत है।
सरकार अब खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष योजना के तहत खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार करेगी। इनमें से जो खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, उन्हें कोच के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इससे न सिर्फ युवाओं को अनुभवी मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि खिलाड़ियों को भी नई भूमिका में योगदान देने का मौका मिलेगा।
तैयारी के लिए पहले बार मिल रही है फंडिंग
मुख्यमंत्री ने कहा, “अब तक सरकारें खिलाड़ियों को जीतने के बाद इनाम देती थीं, लेकिन यह पहली सरकार है जो खिलाड़ियों की तैयारी के समय ही उन्हें फंड दे रही है।” चाहे खिलाड़ी जीतें या नहीं, सरकार उनकी मेहनत को पहले से समर्थन दे रही है।
आधुनिक खेल ढांचे का निर्माण
सरकार ने ऐलान किया है कि पंजाब के गांवों में 4,000 आधुनिक खेल मैदान बनाए जाएंगे। अभी तक 3,083 मैदानों पर काम शुरू हो चुका है। इन मैदानों में सिंथेटिक ट्रैक और एस्ट्रोटर्फ जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। साथ ही खिलाड़ियों के लिए होटल और ट्रेनिंग की सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह पहल पंजाब को दो तरफा फायदा पहुंचा सकती है – एक तरफ युवाओं को नशे से दूर ले जाना और दूसरी तरफ खेलों में राज्य की पहचान और मजबूत करना। यह योजना अगर सही तरीके से लागू हुई तो आने वाले समय में पंजाब खेलों का हब बन सकता है।
