पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने कई प्रभावी पहलें शुरू की हैं। इन पहलों का उद्देश्य हिंसा की शिकार महिलाओं को त्वरित राहत देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
‘वन स्टॉप सेंटर’ बना महिलाओं का सहारा
सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘वन स्टॉप सेंटर’ महिलाओं के लिए बेहद मददगार साबित हो रहा है। यहां पीड़ित महिलाओं को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, बल्कि एक ही छत के नीचे हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
एक जगह, कई जरूरी सेवाएं
वन स्टॉप सेंटर पर हिंसा की शिकार महिलाओं को मुफ़्त मेडिकल इलाज, कानूनी सलाह, पुलिस सहायता, काउंसलिंग और कुछ समय के लिए सुरक्षित आवास की सुविधा मिलती है। इससे पीड़ित महिलाओं को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की मजबूती मिलती है।
हजारों महिलाओं को मिला सीधा लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2025-26 के दौरान हिंसा की शिकार 5,121 महिलाओं को इन केंद्रों के माध्यम से मुफ़्त मेडिकल और कानूनी मदद दी गई। यह पहल न सिर्फ राहत पहुंचा रही है, बल्कि महिलाओं को न्याय और आत्मविश्वास भी दिला रही है।
सुरक्षित पंजाब की ओर मजबूत कदम
मान सरकार की ये पहलें यह संदेश देती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा केवल वादा नहीं, बल्कि प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे प्रयासों से पंजाब में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त भविष्य की नींव मजबूत हो रही है।
