सोना और चांदी की कीमतों में पिछले साल के आखिरी दिनों से शुरू हुई गिरावट नए साल 2026 की शुरुआत में भी थमती नजर नहीं आ रही है। साल के पहले कारोबारी दिन गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे फिसल गए। बाजार खुलते ही चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जबकि सोने के भाव भी दबाव में नजर आए।
चांदी की कीमतों में तेज टूट
बीते साल चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था, जिसने निवेशकों को हैरान कर दिया था। लेकिन 2025 के आखिरी हफ्ते में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। नए साल के पहले दिन भी चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
एमसीएक्स पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 31 दिसंबर को 2,35,701 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। वहीं 1 जनवरी 2026 को बाजार खुलते ही इसमें करीब 1,850 रुपये की गिरावट आई और कीमत फिसलकर 2,33,850 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
रिकॉर्ड हाई से कितनी नीचे आई चांदी
हाल के दिनों में आई गिरावट के बाद अब चांदी अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से काफी नीचे आ चुकी है। चांदी का लाइफटाइम हाई 2,54,174 रुपये प्रति किलो रहा है। मौजूदा भाव को देखें तो चांदी इस रिकॉर्ड स्तर से करीब 20,000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। इससे उन निवेशकों को झटका लगा है, जिन्होंने ऊंचे दाम पर खरीदारी की थी।
सोने की कीमतों में भी नरमी
चांदी के साथ-साथ सोने के दामों में भी गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स पर 5 फरवरी एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का वायदा भाव पिछले बंद 1,35,447 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले गिरकर करीब 1,35,080 रुपये पर खुला।
सोना भी अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे आ गया है। सोने का उच्चतम स्तर 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है, और मौजूदा कीमतें इससे लगभग 5,300 रुपये सस्ती हैं।
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम
सोना और चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण निवेशकों में मुनाफा सुरक्षित करने का डर है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों को आशंका थी कि अगर दाम तेजी से गिरते हैं तो उनका फायदा कम हो सकता है। इसी वजह से बाजार में बिकवाली बढ़ गई।
इसके अलावा डॉलर की मजबूती और वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी आने से सुरक्षित निवेश की मांग घटी है। जब जोखिम कम लगता है, तो सोना-चांदी जैसे सेफ हेवन की मांग भी कमजोर पड़ जाती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
नए साल की शुरुआत में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेतों और डॉलर की चाल के आधार पर सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
