शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में अच्छी तेजी देखने को मिली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर पड़ा। हालांकि, तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने के सरकार के फैसले के बाद ITC के शेयरों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे FMCG सेक्टर दबाव में रहा।
सेंसेक्स 573 अंकों की छलांग के साथ बंद
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 573.41 अंक यानी 0.67 फीसदी की बढ़त के साथ 85,762.01 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 30 में से 26 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे, जबकि 4 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार की इस तेजी में एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, NTPC, महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का अहम योगदान रहा।
ITC समेत कुछ शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर, ITC, टाइटन कंपनी, HCL टेक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में गिरावट देखी गई। ITC के शेयरों में चार फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। इसकी वजह सरकार द्वारा 1 फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों पर सेस और टैक्स बढ़ाने का ऑर्डिनेंस माना जा रहा है।
निफ्टी और स्मॉलकैप में भी तेजी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 182 अंक यानी 0.70 फीसदी की बढ़त के साथ 26,328.55 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 126 अंक चढ़कर 17,831 के स्तर पर पहुंच गया। इससे साफ है कि बड़ी कंपनियों के साथ-साथ छोटे शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
सेक्टरों का हाल: ऑटो और बैंकिंग चमके
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो ऑटो, मेटल, बैंकिंग, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस सेक्टर में अच्छी तेजी रही। इसके उलट FMCG सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली, जिसका बड़ा कारण ITC जैसे भारी-भरकम शेयर में गिरावट रहा।
वैश्विक संकेत और निवेशकों की गतिविधि
एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। साउथ कोरिया का KOSPI, चीन का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे। नए साल की छुट्टी के चलते गुरुवार को अमेरिकी बाजार बंद थे। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.46 फीसदी बढ़कर 61.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
FII बिकवाल, DII खरीदार बने
निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 3,268.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,525.89 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
