पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नए साल के मौके पर चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग के 606 नव-नियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि सरकार को उम्मीद है कि सभी नए शिक्षक अपनी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे और मिलकर पंजाब को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
विशेष बच्चों की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों के साथ उम्मीदवारों को स्पेशल एजुकेशन शिक्षक के रूप में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि इन शिक्षकों को उन विशेष बच्चों को पढ़ाने का अवसर मिला है, जिनमें प्रकृति ने किसी न किसी प्रकार की कमी रखी है। सीएम मान ने इसे एक पुण्य कार्य बताते हुए कहा कि इस सेवा को पूरे मन और सच्चाई से निभाना चाहिए।
शिक्षा ही असली दौलत
अपने संबोधन में भगवंत मान ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दौलत और शोहरत वाले व्यक्ति को अमीर नहीं माना जाएगा, क्योंकि ऐसी चीजें छीनी जा सकती हैं। लेकिन जिसके पास अच्छी शिक्षा होगी, वही वास्तव में धनवान होगा, क्योंकि शिक्षा ऐसी दौलत है जिसे कोई लूट नहीं सकता।
सरकारी स्कूलों में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधारों को प्राथमिकता दी है। बच्चों और शिक्षकों को आधुनिक तरीकों से जोड़ने के लिए कई नए कदम उठाए गए हैं। छात्रों को नए ढंग से पढ़ाने का अनुभव देने के लिए शिक्षकों को विदेशों में ट्रेनिंग के लिए भी भेजा जा रहा है, ताकि वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियां सीख सकें।
बजट में शिक्षा को प्राथमिकता
सीएम भगवंत मान ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते शिक्षा पर विशेष ध्यान देना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आने वाले बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए सबसे अधिक राशि तय की जाएगी। उनके अनुसार, किसी भी राज्य की तरक्की उसकी मजबूत शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है।
पंजाब के भविष्य की नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में निवेश का मतलब सीधे तौर पर पंजाब के भविष्य को मजबूत करना है। नए नियुक्त शिक्षक राज्य के बच्चों को बेहतर दिशा देंगे और एक सशक्त पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।
