दिल्ली में पिछले चार महीनों से लगातार बनी जहरीली हवा को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को आम आदमी पार्टी के साथ बड़ी संख्या में दिल्लीवासी सड़कों पर उतरे और प्रदूषण को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने किया।
जनता का गुस्सा और सरकार पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की जनता अब सरकार से निराश हो चुकी है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार प्रदूषण कम करने के बजाय एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आंकड़ों में हेरफेर कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर सच दिखाएगी तो पूरी दुनिया के सामने उसकी पोल खुल जाएगी, इसी वजह से प्रदूषण पर सदन में चर्चा से बचा जा रहा है।
एक्यूआई डेटा में गड़बड़ी का आरोप
सौरभ भारद्वाज का कहना है कि दिल्ली में कई विदेशी दूतावास मौजूद हैं और अमेरिकी दूतावास का AQI मॉनिटर 400 के आसपास प्रदूषण दिखाता है, जबकि सरकारी मॉनिटर 300 बता रहे हैं। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि खराब हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जैसे ही प्रदूषण बढ़ता है, कई मॉनिटरिंग स्टेशन बंद कर दिए जाते हैं या उन पर पानी छिड़ककर गलत आंकड़े दिखाए जाते हैं।
यमुना की सफाई पर भी सवाल
उन्होंने यमुना नदी को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यमुना साफ करने के नाम पर सिर्फ दिखावा किया गया। नेताओं ने पानी पीने का नाटक किया, लेकिन नदी की हालत जस की तस बनी हुई है। अब पर्यावरण मंत्री चार साल और मांग रहे हैं, जबकि पहले ही झूठे दावे किए जा चुके हैं।
विधानसभा में हंगामा और बहिष्कार
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि विधानसभा सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी के चार विधायकों को बिना चेतावनी के बाहर कर दिया गया। उनका कहना है कि अगर प्रदूषण पर चर्चा ही नहीं करनी थी, तो विधानसभा सत्र बुलाने का कोई मतलब नहीं था।
शिक्षा और फीस बढ़ोतरी का मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री आशीष सूद को चुनौती दी कि वे किसी एक स्कूल का नाम बताएं, जहां फीस बढ़ोतरी वापस करवाई गई हो। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार के आने के बाद कई स्कूलों की फीस 20 से 80 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
नेता प्रतिपक्ष आतिशी का बयान
नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि प्रदूषण के कारण दिल्ली में बुजुर्गों की जान जा रही है और बच्चे सांस की बीमारियों से जूझ रहे हैं। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हवा इतनी खराब है, तो लोग मास्क क्यों न पहनें। उन्होंने आरोप लगाया कि मास्क पहनकर प्रदूषण पर बात करने वाले विधायकों को ही सदन से बाहर कर दिया गया।
