आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर केजरीवाल ने कहा कि पहले चरण की बड़ी सफलता के बाद अब यह लड़ाई और तेज की जा रही है, ताकि पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सके।
पहले चरण की उपलब्धियां
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीते एक साल में ड्रग तस्करों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान करीब 28 हजार मामले दर्ज किए गए, जो किसी भी अन्य राज्य की तुलना में कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने साफ किया कि ये केस फर्जी नहीं हैं, बल्कि जब ये अदालत पहुंचे तो लगभग 88 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को जेल की सजा हुई।
बड़े तस्करों पर सख्त कार्रवाई
केजरीवाल के अनुसार, पकड़े गए 22 हजार ड्रग तस्करों में से करीब 350 बड़े तस्कर थे। इन लोगों ने नशे के पैसे से आलीशान कोठियां और संपत्तियां बनाई थीं। पहली बार सरकार ने उनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया और यह कार्रवाई अभी भी जारी है।
पुरानी सरकारों पर निशाना
केजरीवाल ने अकाली दल और कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि अकाली दल के समय पंजाब के हर मोहल्ले तक ड्रग्स पहुंच चुके थे और उसी दौर में ‘उड़ता पंजाब’ जैसी फिल्म बनी। बाद में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ड्रग्स खत्म करने की बात कही, लेकिन पांच साल में कुछ नहीं किया।
डर के माहौल को तोड़ा
उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि एक समय ऐसा था जब बड़े ड्रग तस्करों का नाम लेने से भी लोग डरते थे। पुलिस और नेता भी उनसे खौफ खाते थे, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने हिम्मत दिखाई और ऐसे लोगों को जेल भेजा।
दूसरे चरण की रणनीति
केजरीवाल ने बताया कि अब इस लड़ाई में जनता को भी जोड़ा जा रहा है। करीब डेढ़ लाख वॉलंटियर तैयार किए गए हैं, जिन्हें ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ये वॉलंटियर अपने-अपने गांवों और इलाकों में ड्रग डीलरों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
पैदल मार्च और बड़ी बैठक
उन्होंने कहा कि 10 जनवरी से 30 जनवरी तक पूरे पंजाब में गली-गली, गांव-गांव पैदल मार्च निकाले जाएंगे। लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की जाएगी। इसके अलावा 13 फरवरी को इन डेढ़ लाख वॉलंटियरों की एक बड़ी बैठक भी आयोजित की जाएगी।
