मध्य पूर्व में जारी ईरान से जुड़ा युद्ध अब वैश्विक बाजारों को भी प्रभावित कर रहा है। पिछले कई दिनों से चल रहे तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है। बताया जा रहा है कि ईरान ने होर्मुज जलमार्ग को बंद कर दिया है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
इस रास्ते से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा और कच्चा तेल गुजरता है। इसके बंद होने से कई देशों में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार तेल की कीमत लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो तेल के दाम और बढ़ सकते हैं। इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ सकता है।
सोना और चांदी के दाम में गिरावट
दिलचस्प बात यह है कि आम तौर पर संकट के समय सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी के दाम में इस समय गिरावट देखी जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई है।
अप्रैल वायदा के लिए सोने का भाव लगभग 1000 रुपये गिरकर करीब 1.60 लाख रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में भी गिरावट देखी गई और मार्च वायदा के लिए एक किलो चांदी करीब 7,500 रुपये घटकर लगभग 2.58 लाख रुपये पर पहुंच गई।
हालांकि बाद में कीमतों में थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली।
क्यों आई कीमतों में कमी
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध से पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में काफी तेजी आ चुकी थी। कई निवेशकों ने इस दौरान अच्छा मुनाफा कमाया था।
अब कुछ निवेशक इन धातुओं में से मुनाफा निकालकर नकदी अपने पास रखना चाहते हैं। इसी कारण बाजार में बिकवाली बढ़ी और कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत लगभग 85 डॉलर से गिरकर करीब 83 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई है।
सोने की कीमत भी पहले के ऊंचे स्तर से नीचे आकर लगभग 5,200 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।
रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे
अगर पिछले रिकॉर्ड स्तर से तुलना की जाए तो अभी भी सोना और चांदी काफी सस्ते हैं। MCX पर सोने का रिकॉर्ड उच्च स्तर करीब 1.93 लाख रुपये रहा है।
इस हिसाब से सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 33 हजार रुपये सस्ता है। वहीं चांदी का रिकॉर्ड स्तर करीब 4.20 लाख रुपये प्रति किलो रहा है और मौजूदा कीमत इससे करीब 1.62 लाख रुपये कम है।
ETF बाजार पर भी असर
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का असर इनसे जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ETF पर भी दिखाई दिया है। गोल्ड ETF में लगभग 4 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सिल्वर ETF में करीब 8 प्रतिशत तक की कमी देखी गई।
