पंजाब सरकार ने कैंसर से पीड़ित मरीजों को आर्थिक राहत देने के लिए मुख्यमंत्री पंजाब कैंसर राहत कोष योजना शुरू की है। इस योजना के तहत मरीजों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को महंगे इलाज से राहत देना है, ताकि उन्हें समय पर उपचार मिल सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 74,000 से अधिक कैंसर मरीजों को इस योजना के तहत सहायता मिल चुकी है। इन मरीजों के इलाज के लिए 957 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। इससे हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिली है।
आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान बहुत जरूरी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार अमृतसर, पटियाला और बठिंडा में अत्याधुनिक PET स्कैन सुविधाएं स्थापित कर रही है।
इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही बीमारी की जल्दी पहचान होने से इलाज भी जल्दी शुरू किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने के प्रयास
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है। सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इसके अलावा 2022 के बाद से अब तक 934 डॉक्टरों की भर्ती की जा चुकी है। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे अस्पतालों में बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री सेहत योजना से स्वास्थ्य सुरक्षा
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की व्यवस्था की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है।
इस योजना में 2356 प्रकार की बीमारियों और सर्जरी प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। मरीज इस सुविधा का लाभ पंजाब और चंडीगढ़ के लगभग 900 सरकारी और पैनल निजी अस्पतालों में ले सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी नागरिक आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित न रहे और सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
