पंजाब सरकार ने राज्य में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बजट में बड़ा प्रावधान किया है। इंडस्ट्रीज़ और कॉमर्स सेक्टर के लिए 2,805 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ाना और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है।
पिछले तीन वर्षों में पंजाब में विदेशी निवेश (FDI) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान एफडीआई का प्रवाह लगभग दोगुना हो गया है, जिसके चलते देश में निवेश के मामले में पंजाब की रैंक 15वें स्थान से बढ़कर 11वें स्थान पर पहुंच गई है। इसके अलावा राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 भी आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है।
शहरी विकास पर विशेष ध्यान
सरकार ने शहरों के विकास को ध्यान में रखते हुए हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट सेक्टर के लिए 7,257 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य शहरों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही म्युनिसिपल डेवलपमेंट फंड के लिए बजट में चार गुना बढ़ोतरी की गई है, जिसे अब बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
जल सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर काम
सरकार ने अमृतसर और लुधियाना में पानी की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके लिए पंजाब म्युनिसिपल सर्विसेज़ इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के तहत 500 करोड़ रुपये अलग से निर्धारित किए गए हैं।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से पंजाब में उद्योग, निवेश और शहरी विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।
