इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का मौजूदा सीजन 10 टीमों के साथ खेला जा रहा है, जिसमें कुल 74 मैच निर्धारित हैं। यह फॉर्मेट पिछले कुछ वर्षों से चल रहा है। लेकिन अब इस टूर्नामेंट को और बड़ा बनाने की योजना पर चर्चा शुरू हो गई है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में मैचों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
2027 के बाद बदल सकता है IPL का फॉर्मेट
अरुण धूमल के अनुसार, 2027 के बाद आईपीएल के मैचों की संख्या 74 से बढ़ाकर 84 या यहां तक कि 94 तक की जा सकती है। इसका मुख्य कारण यह है कि अभी सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ दो-दो मैच नहीं खेल पाती हैं। अगर हर टीम को होम और अवे मैच खेलने का मौका देना है, तो मैचों की संख्या बढ़ानी होगी।
सबसे बड़ी चुनौती – व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर
हालांकि मैच बढ़ाने की योजना आसान नहीं है। सबसे बड़ी समस्या इंटरनेशनल क्रिकेट का व्यस्त शेड्यूल है। दुनिया भर में टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज के अलावा ICC टूर्नामेंट भी होते हैं, जिससे आईपीएल के लिए अतिरिक्त समय निकालना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से फिलहाल 74 मैचों का फॉर्मेट जारी है।
डबल हेडर बढ़ाना नहीं है सही विकल्प
कुछ लोगों का मानना है कि एक ही दिन में ज्यादा मैच (डबल हेडर) कराकर संख्या बढ़ाई जा सकती है, लेकिन अरुण धूमल इसे व्यावहारिक समाधान नहीं मानते। उनका कहना है कि इससे खिलाड़ियों और ब्रॉडकास्टर्स पर दबाव बढ़ेगा और मैच की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
द्विपक्षीय सीरीज में घट रही रुचि
चेयरमैन ने यह भी बताया कि पिछले कुछ समय में दर्शकों की रुचि कुछ द्विपक्षीय (दो देशों के बीच) सीरीज में कम हुई है। इसी वजह से कई देश अपनी-अपनी टी20 लीग शुरू कर रहे हैं। अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो भविष्य में अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल में बदलाव करके आईपीएल के लिए ज्यादा समय निकाला जा सकता है।
वैश्विक क्रिकेट पर भी असर
अरुण धूमल का मानना है कि आईपीएल सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए भी फायदेमंद है। इसमें दुनिया भर के खिलाड़ी खेलते हैं, जिससे खेल का स्तर और लोकप्रियता दोनों बढ़ती हैं। इसलिए आने वाले वर्षों में अन्य क्रिकेट बोर्ड्स के साथ मिलकर बड़ा विंडो निकालने की कोशिश की जाएगी।
बातचीत से निकलेगा समाधान
उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी क्रिकेट बोर्ड्स के साथ सकारात्मक बातचीत होगी और भविष्य में ऐसा रास्ता निकलेगा जिससे आईपीएल का विस्तार भी हो और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भी प्रभावित न हो। 2027 के बाद नए शेड्यूल पर फैसला लिया जा सकता है।
