पंजाब विधानसभा में “जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026” को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। Bhagwant Mann सरकार का कहना है कि यह कानून पवित्र ग्रंथ के सम्मान को बनाए रखने और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।
कानून की मुख्य विशेषताएं
इस नए संशोधन में कई महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़े गए हैं, जो कानून को और मजबूत बनाते हैं:
- बेअदबी की सभी प्रकार की परिभाषाओं को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है, ताकि किसी भी तरह की घटना को नजरअंदाज न किया जा सके।
- जांच केवल DSP रैंक का अधिकारी ही करेगा और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।
- दोषियों के लिए 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
- इसके साथ ही 5 लाख से 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रस्ताव है।
- जो लोग बेअदबी में मदद करेंगे, उन्हें भी समान सजा दी जाएगी।
- मानसिक बीमारी जैसे बहानों का इस्तेमाल कर आरोपी अब कानून से बच नहीं पाएंगे।
सख्ती और जवाबदेही पर जोर
इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक ग्रंथों के सम्मान के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई हो। सरकार का मानना है कि सख्त सजा और स्पष्ट नियमों से ऐसे मामलों में कमी आएगी और समाज में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।
