पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने बताया कि चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल-2026” सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। इस फैसले को धार्मिक आस्था की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आस्था और श्रद्धा का सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि Guru Granth Sahib सिखों के लिए ‘शब्द गुरु’ हैं, जो सच्चाई, सेवा और मानवता का संदेश देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई भी व्यक्ति बेअदबी कर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कानून में सख्त प्रावधान
इस संशोधन बिल में दोषियों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। इसमें उम्रकैद की सजा, भारी जुर्माना और गैर-जमानती धाराओं का प्रावधान शामिल है। सरकार का कहना है कि इन सख्त नियमों से ऐसे मामलों में कमी आएगी और दोषियों को कोई राहत नहीं मिलेगी।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि कौम की आस्था और मर्यादा की रक्षा के लिए उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार हर हाल में लोगों की धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
